Edited By Radhika,Updated: 15 Apr, 2026 12:55 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कर्नाटक के मांड्या स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का भव्य उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री अपने कर्नाटक के आधिकारिक दौरे के दौरान इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस विशेष अवसर पर...
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कर्नाटक के मांड्या स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का भव्य उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री अपने कर्नाटक के आधिकारिक दौरे के दौरान इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने संयुक्त रूप से "सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम" पुस्तक का विमोचन भी किया।
<
>
मंदिर का महत्व और विरासत
यह मंदिर श्री आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर, श्रद्धेय संत श्री श्री श्री डॉ. बालगांगधरनाथ महास्वामीजी को समर्पित एक स्मारक है। मंदिर का निर्माण पारंपरिक द्रविड़ स्थापत्य शैली में किया गया है, जो दिवंगत संत के जीवन और उनकी विरासत के प्रति एक श्रद्धांजलि है। इस मंदिर को न केवल एक पूजा स्थल के रूप में, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने रंगाली बिहू की दी बधाई
मंदिर के उद्घाटन के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने रंगाली बिहू (असमिया नव वर्ष) के अवसर पर भी देशवासियों को बधाई दी। "आप सभी को रंगाली बिहू की हार्दिक शुभकामनाएँ! यह जीवंत त्योहार नई शुरुआत, समृद्धि और एकजुटता की भावना का प्रतीक है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि आने वाला वर्ष सफलता, प्रसन्नता और उत्तम स्वास्थ्य से भरा हो।"रंगाली बिहू असम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो वसंत के आगमन और कृषि सीजन की शुरुआत का प्रतीक है। यह असमिया संस्कृति की समृद्धि को दर्शाता है, जो आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रही है।