Edited By Rahul Singh,Updated: 12 Oct, 2026 04:45 PM

रमेश ने 'एक्स' पर कहा, ''यह षड्यंत्रकारी जोड़ी मुश्किलों में घिरी हुई है और पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि उन्होंने शांतिपूर्ण सार्वजनिक प्रदर्शनों से कितनी बेरहमी से निपटा है।'' उन्होंने कहा, ''उनके लिए अब लोकतंत्र मायने नहीं रखता। सब कुछ...
नई दिल्ली : कांग्रेस ने सोमवार को जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनके लिए अब '' डेमोक्रेसी'' (लोकतंत्र) मायने नहीं रखता तथा सब कुछ ''डेमोकुर्सी'' का मामला बन गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि ऐतिहासिक जंतर-मंतर अब वह स्थान नहीं रहेगा, जहां लोकतंत्र को प्रतिदिन मजबूती मिलती थी और यह प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री की जोड़ी का स्पष्ट संकेत है।
रमेश ने 'एक्स' पर कहा, ''यह षड्यंत्रकारी जोड़ी मुश्किलों में घिरी हुई है और पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि उन्होंने शांतिपूर्ण सार्वजनिक प्रदर्शनों से कितनी बेरहमी से निपटा है।'' उन्होंने कहा, ''उनके लिए अब लोकतंत्र मायने नहीं रखता। सब कुछ 'डेमोकुर्सी' का मामला है।'' रमेश की यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जाने और ऐसे प्रदर्शनों के आयोजन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए जाने के बाद आई है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक स्थायी आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को विरोध-प्रदर्शनों एवं धरनों के लिए नए निर्धारित स्थलों के रूप में नामित किया। यह कदम जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए एकत्र होने के आह्वान के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच उठाया गया है।
वहीं केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उच्चतम न्यायालय तक निकाले जाने वाले मार्च को "नौटंकी" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार का दोष निर्वाचन आयोग पर मढ़ती रही है, जबकि इसके लिए असल में उसका खुद का "विचार-शून्य" नेतृत्व जिम्मेदार है। शिवराज ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन को "शिव की बारात" बताने के लिए राहुल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह असल में "गुंडों का समूह" है, जो सड़कों पर अराजकता फैला रहा है। शिवराज ने कहा, "कांग्रेस पिछले कई वर्षों से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है और अपनी हार के लिए उन्हें दोषी ठहरा रही है, जबकि इसके लिए खुद उसका नेतृत्व जिम्मेदार है, क्योंकि वह 'विचार-शून्य' है।" उन्होंने कहा, "प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) से मिलने के लिए भी एक खास प्रक्रिया होती है। आप बस एक पत्र लिखकर जब चाहें, तब उनसे मिलने नहीं जा सकते। यह सिर्फ नौटंकी है, विशुद्ध नौटंकी, कुछ और नहीं, बस नौटंकी।"