चुनाव की घोषणा से ठीक पहले ममता सरकार ने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की

Edited By Updated: 15 Mar, 2026 04:30 PM

just before the announcement of the elections the mamata government increased

विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा से कुछ घंटे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि, प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का मार्च से भुगतान...

नेशनल डेस्क: विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा से कुछ घंटे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि, प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) का मार्च से भुगतान करने की घोषणा की। इस संशोधन के बाद, पुरोहितों व मुअज्जिनों को अब प्रति माह 2,000 रुपये मिलेंगे।

PunjabKesari

उन्होंने बताया कि बंगाल सरकार इस साल मार्च से अपने कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान करेगी। बनर्जी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार, उन्हें मार्च 2026 से आरओपीए 2009 के तहत मिलने वाली महंगाई भत्ता राशि का बकाया मिलना शुरू हो जाएगा।" यह बकाया वेतन और भत्तों का संशोधन (ROPA) 2009 से संबंधित है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है।

PunjabKesari

इसमें शिक्षकों, नगर पालिका और पंचायत कर्मचारियों तथा अन्य अनुदान प्राप्त संस्थानों के वेतन और भत्ते शामिल हैं। बनर्जी ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ''मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है, जिनकी सेवा हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है।

इस संशोधन के साथ, उन्हें अब प्रतिमाह 2,000 रुपये मिलेंगे।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा मानदेय के लिए प्रस्तुत सभी नए आवेदनों को मंजूरी दे दी है। धार्मिक सद्भाव पर सरकार के रुख को रेखांकित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''हमें ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने पर गर्व है जहां प्रत्येक समुदाय और परंपरा को महत्व दिया जाता है और उसे मजबूत किया जाता है। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को वह मान्यता और समर्थन मिले जिसके वे हकदार हैं।'' 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!