Edited By Mansa Devi,Updated: 29 Apr, 2026 01:26 PM

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा पर राज्य विधानसभा चुनाव में ''धांधली'' करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि केंद्रीय बल तथा चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके आरोपों को...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा पर राज्य विधानसभा चुनाव में ''धांधली'' करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि केंद्रीय बल तथा चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह ''तृणमूल के खिलाफ जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं।'' ममता ने अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का दौरा करते हुए आरोप लगाया कि इस विधानसभा चुनाव में अधिकारियों द्वारा लोकतांत्रिक मानकों से गंभीर समझौता किया गया है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र ममता का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां उनकी नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से प्रतिष्ठा की लड़ाई है।
इस मुकाबले को नंदीग्राम की लड़ाई की तरह ही देखा जा रहा है, जहां 2021 में अधिकारी ने ममता को हरा दिया था। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''भाजपा इस चुनाव में धांधली करना चाहती है।'' उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से होते हैं। उन्होंने पूछा, ''क्या यहां गुंडा राज है?'' पश्चिम बंगाल में चुनाव संबंधी हिंसा का इतिहास रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान तृणमूल कार्यकर्ता और नेताओं पर अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ''मरने के लिए तैयार हैं।'' तृणमूल कांग्रेस प्रमुख आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर में अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने जाती हैं।
इस बार वह सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के मतदान केंद्र भी शामिल हैं। बाद में वह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के जरिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। ममता ने कहा, ''कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। लोगों को मतदान करना है - क्या इस तरह मतदान हो सकता है?'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सभी पार्टी झंडे पहले ही हटा दिए गए और बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। वे हमारे सभी कार्यकर्ताओं को पकड़ रहे हैं। अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे।'' ममता ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री यह चुनाव हार जाएंगी। विपक्ष के नेता ने निर्वाचन क्षेत्र के खिदिरपुर इलाके में दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
अधिकारी ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर निकल रहे हैं और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं। तृणमूल प्रमुख के मतदान के दिन सुबह-सुबह बाहर निकलने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ''कोई फर्क नहीं पड़ता, वह हार जाएंगी।'' तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मित्रा इंस्टीट्यूशन में मतदान करने के बाद विभिन्न स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''लेकिन इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, हम इस चुनाव में पहले से ज्यादा सीटें जीतेंगे।''
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों के मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। इस चरण का परिणाम महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है क्योंकि इसमें दक्षिण बंगाल शामिल है, जिसे तृणमूल का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां भाजपा पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था। मतगणना चार मई को होगी।
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