Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 Sep, 2026 02:04 PM

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले से एक बेहद दुखद और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने अपने घर में कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। परिजनों का आरोप है कि स्कूल के एक पुरुष शिक्षक द्वारा लगातार किए जा रहे यौन...
चेन्नई: तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले से एक बेहद दुखद और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने अपने घर में कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। परिजनों का आरोप है कि स्कूल के एक पुरुष शिक्षक द्वारा लगातार किए जा रहे यौन उत्पीड़न से परेशान होकर छात्रा ने यह खौफनाक कदम उठाया। शिक्षक को गिरफ़्तार कर लिया गया है। उस पर अनुचित व्यवहार का भी आरोप था। आरोपी की पहचान जगदेसन के तौर पर हुई है और उसे 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO) के तहत गिरफ़्तार किया गया है। मामले की जांच चल रही है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, "जांच में यह पाया गया है कि शिक्षक ने छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार (बैड टच) किया था। हमने इसकी पुष्टि की है और आरोपी के खिलाफ 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण कानून' (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।" यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, हत्याओं और ऑनर किलिंग को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है।
विधानसभा में 'ग्रांट्स की मांग' पर बहस के दौरान उदयनिधि स्टालिन के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि हर अपराध को कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के प्रति नज़रिए को बदलने की ज़रूरत है और ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता अपराधों को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों को सज़ा मिले। मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि हर तरह के अपराधों के लिए उनकी सरकार के शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में नशे/ड्रग्स के बढ़ते मामलों और इसे रोकने में नाकामी के लिए पिछली DMK सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।