Edited By Radhika,Updated: 27 Mar, 2026 11:21 AM

28 मार्च से देश में IPL शुरु होने वाला है। इसी बीच कर्नाटक की राजनीति में 'टिकट युद्ध' छिड़ गया है। हुंगुंड से कांग्रेस विधायक विजयानंद कशापनवर ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मांग की है कि हर विधायक को मैच के लिए कम से...
नेशनल डेस्क: 28 मार्च से देश में IPL शुरु होने वाला है। इसी बीच कर्नाटक की राजनीति में 'टिकट युद्ध' छिड़ गया है। हुंगुंड से कांग्रेस विधायक विजयानंद कशापनवर ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मांग की है कि हर विधायक को मैच के लिए कम से कम 5 मुफ्त टिकट मिलने चाहिए। विधायक वीआईपी होते हैं इसलिए वे आम जनता के साथ लाइन में नहीं लगेंगे
विधायकों का तर्क: 'सम्मान और सुविधा' हमारा हक
कांग्रेस विधायक कशापनवर का कहना है कि विधायक 'वीआईपी' होते हैं और वे मैच देखने के लिए आम जनता के साथ लंबी कतारों में खड़े नहीं हो सकते। उन्होंने मीडिया से बातचीत में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा "KSCA सरकार से जमीन और सुरक्षा जैसी तमाम सुविधाएं लेता है, लेकिन विधायकों का सम्मान नहीं करता। पिछली बार हमें आम गैलरी में भेज दिया गया था, जो स्वीकार्य नहीं है। हमारे बैठने के लिए अलग और विशेष व्यवस्था होनी चाहिए।"
विपक्ष ने भी साधा निशाना
खास बात यह है कि इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष एक सुर में नजर आ रहे हैं। BJP नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोका ने विधानसभा में KSCA को घेरते हुए कहा कि संस्था को करीब 16 एकड़ जमीन महज 1,600 रुपये प्रति महीने के मामूली किराए पर दी गई है। इसके बावजूद, क्रिकेट संघ विधायकों से टिकट के लिए हजारों रुपये वसूलता है और करोड़ों की कमाई करता है।
स्पीकर ने कहा सरकार करे दखल
विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर ने भी विधायकों की चिंताओं का समर्थन किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को KSCA के साथ इस मुद्दे पर औपचारिक बातचीत करनी चाहिए। स्पीकर ने कहा कि विधायकों और उनके परिवारों के लिए कम से कम 4 टिकटों का प्रावधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
IPL 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाना है, लेकिन मैच से पहले 'फ्री टिकट' और 'VIP ट्रीटमेंट' की इस मांग ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।