Edited By Anu Malhotra,Updated: 09 Apr, 2026 08:08 AM

Kerala Assembly Elections: केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है और मतदान शाम छह बजे तक होगा। चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं और...
Kerala Assembly Elections: केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है और मतदान शाम छह बजे तक होगा। चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं और मतदान-केंद्रो पर चुनाव अधिकारी मतदाताओं का स्वागत कर रहे हैं। राज्य के सभी मतदान केन्द्रों में सुबह से मतदाता अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए पहुंचने शुरू हो गये हैं।
आयोग ने इस बार 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए घर पर मतदान करने की सुविधा प्रदान की है तथा उनके लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गयी है। राज्य की 126 सीटों के लिए कुल 890 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में 30,471 मतदान केंद्र बनाये गये।
कुल मतदाताओं की संख्या 2.71 करोड़ हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 उभयलिंगी हैं। केरल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच हैं हालांकि भाजपा भी यहां जोर आजमाइश कर रही है। सभी उम्मीदवारों के चुनावी किस्मत का फैसला मतदाता आज इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद कर देंगे। मतगणना 4 मई को होगी और उसी दिन परिणाम आ जायेंगे।
- इसी बीच, तिरुवनंतपुरम के एक स्थानीय पोलिंग बूथ पर एक खास नजारा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने एक आम नागरिक की तरह कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया। उन्होंने किसी भी प्रकार के 'वीआईपी कल्चर' से दूर रहकर लाइन में लगकर अपना वोट डाला।
- वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जनता से भारी संख्या में मतदान करने की अपील की। राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए जा सकें।
उन्होंने कहा - "आज के दिन सब कुछ महत्वपूर्ण है। हर मतदाता को अपने घर से बाहर निकलकर पोलिंग बूथ तक आना चाहिए। यह न केवल आपका कर्तव्य है, बल्कि आपका मौलिक अधिकार भी है कि आप अपने मताधिकार का प्रयोग करें और राज्य के भविष्य की दिशा तय करें।"