Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jul, 2026 11:21 AM

Ketan Agarwal: केतन अग्रवाल मर्डर केस में एब एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, पुलिस ने पुणे कोर्ट को बताया कि केतन अग्रवाल को किसने धक्का दिया, इस बारे में कोई पक्का सबूत नहीं है, पुलिस ने सिया का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की।
Ketan Agarwal: केतन अग्रवाल मर्डर केस में एब एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, पुलिस ने पुणे कोर्ट को बताया कि केतन अग्रवाल को किसने धक्का दिया, इस बारे में कोई पक्का सबूत नहीं है, पुलिस ने सिया का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की।
बता दें कि सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। जांच करने वालों ने कोर्ट को बताया कि आरोपी के बयानों के अलावा, ऐसा कोई सीधा चश्मदीद गवाह या पक्का सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि अग्रवाल को खाई में किसने धकेला था।
सिया का पॉलीग्राफ टेस्ट ज़रूरी
पुलिस ने अपनी अर्ज़ी में कोर्ट को बताया कि सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन जांच को आगे बढ़ाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट ज़रूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि इस टेस्ट से जांच के लिए नई कड़ियां मिल सकती हैं और इसके लिए कोर्ट की मंज़ूरी मांगी।
पॉलीग्राफ टेस्ट अक्सर ऐसे मामलों में कराए जाते हैं जहां शुरुआती या पुष्टि करने वाले सबूत कम होते हैं। हालांकि, इनके नतीजों को कोर्ट में ठोस सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता है और आम तौर पर इनका इस्तेमाल सिर्फ़ जांच के दौरान सुराग खोजने में जांचकर्ताओं की मदद के लिए किया जाता है।