Edited By Radhika,Updated: 13 Jun, 2026 10:57 AM

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे क्या राजनीति को अलविदा कहने वाले हैं? उनके एक बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध सांसद चुने जाने के बाद खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए अपनी...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे क्या राजनीति को अलविदा कहने वाले हैं? उनके एक बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध सांसद चुने जाने के बाद खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए अपनी लंबी राजनीतिक पारी को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जिसे उनके संन्यास के संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है। निर्वाचन अधिकारी से जीत का सर्टिफिकेट लेने के बाद उन्होंने अपनी इस कामयाबी के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, खासकर सोनिया गांधी और पार्टी के विधायकों व कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
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भावुक होते हुए खड़गे बोले
संसदीय पारी के इस नए अध्याय की शुरुआत पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बीते सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि "यह मेरे जीवन का 13वां चुनाव है। कांग्रेस पार्टी ने मुझे इतने लंबे समय तक जनता की सेवा करने का जो मौका दिया, उसके लिए मैं सोनिया गांधी जी का विशेष रूप से आभारी हूँ। मुझे अपनी पार्टी और अपने लोगों पर गर्व है।"
विधायक से कांग्रेस अध्यक्ष तक का सफर
83 साल के मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक सफर काफी शानदार और अच्छा रहा। वे लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके अलावा कर्नाटक की राज्यसभा में उनके नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी रहा है। वे साल 1972 से लेकर 2009 तक लगातार 9 बार विधायक रहे। इसके बाद वे 2009 और 2014 में गुलबर्गा सीट से लोकसभा के सांसद चुनकर देश की संसद पहुंचे। डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में वे श्रम और रोजगार, रेल मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कैबिनेट मंत्री रहे। मौजूदा सयम में वे विपक्ष के संसद के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं।