अमेरिका-ईरान डील के बीच LPG और पेट्रोल पर सरकार का बड़ा बयान आया सामने, जानें क्या कहा

Edited By Updated: 15 Jun, 2026 10:58 PM

amid the us iran deal the government issued a major statement on lpg and petrol

पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक 'शांति समझौते' को अंतिम रूप दे दिया है। इस महा-डील के साथ ही पिछले 107 दिनों से चला आ रहा संघर्ष अब थमने वाला है।

इंटरनेशनल डेस्कः पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक 'शांति समझौते' को अंतिम रूप दे दिया है। इस महा-डील के साथ ही पिछले 107 दिनों से चला आ रहा संघर्ष अब थमने वाला है। ट्रंप के इस एलान के बाद पूरी दुनिया उम्मीद कर रही है कि अब एनर्जी सप्लाई चेन फिर से सामान्य हो जाएगी और महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी।

होर्मुज की नाकेबंदी खत्म, बिना टोल गुजरेगी राहत
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया (एक्स) पर अपनी पोस्ट में घोषणा की है कि ईरान के साथ हुई डील के बाद अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल के खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नौसेना की नाकेबंदी हटाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। बता दें कि 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं और भारत का खाड़ी देशों से होने वाला आयात 51.64% तक गिर गया था। अब होर्मुज खुलने से भारत के निर्यात को संजीवनी मिलेगी और रुपये में स्थिरता आएगी।

पीएम मोदी ने किया स्वागत, भारत सरकार ने दिया भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शांति समझौते का पुरजोर स्वागत किया है। इसी बीच, देश में पेट्रोल-डीजल की कमी की उठ रही अफवाहों पर लगाम लगाते हुए भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा बयान जारी किया है। मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।

रिफाइनरियां कर रही हैं 'सुपर' काम
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंप) पर भीड़ बढ़ने का मुख्य कारण यह है कि औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहक अब सीधे संस्थानों के बजाय रिटेल आउटलेट्स से ईंधन खरीद रहे हैं।

19 जून पर टिकी हैं दुनिया की निगाहें
स्विट्जरलैंड में 19 जून को इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से न केवल भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

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