कोलकाता पंडाल भगदड़: परिवार और पड़ोसियों का छलका दर्द- 'अगर इंतजाम थोड़े बेहतर होते, तो जान बच सकती थी'

Edited By Updated: 18 Oct, 2026 12:27 PM

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उत्तरी कोलकाता के चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाली श्रीपर्णा पोद्दार के माता-पिता, जो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के बैद्यबाटी की रहने वाली थीं, अपनी बेटी का शव लेने के लिए कोलकाता रवाना हो गए हैं। इस घटना में श्रीपर्णा...

हुगली : उत्तरी कोलकाता के चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाली श्रीपर्णा पोद्दार के माता-पिता, जो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के बैद्यबाटी की रहने वाली थीं, अपनी बेटी का शव लेने के लिए कोलकाता रवाना हो गए हैं। इस घटना में श्रीपर्णा समेत 19 लोगों की मौत हो गई, जिससे उनके परिवार वालों और पड़ोसियों में गहरा शोक है। श्रीपर्णा की बहन रिपा दास ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा कुछ होगा। उन्होंने कहा कि अगर इंतजाम पुख्ता होते, तो इस घटना को रोका जा सकता था।

रिपा दास ने कहा, "वह बहुत अच्छी लड़की थी और नर्सिंग स्टाफ में काम करती थी। वह मेरी बहन थी, मेरी बड़ी बहन। वह अपने दोस्तों के साथ बाहर जाने के लिए तैयार हो रही थी। हमने कभी नहीं सोचा था कि उसकी किस्मत में ऐसा लिखा होगा। अगर इंतजाम थोड़े और बेहतर होते, तो यह हादसा नहीं होता। मैं बस इतना कहूंगी कि यह प्रशासन की लापरवाही है।"

परिवार और पड़ोसियों का छलका दर्द
पड़ोस में रहने वाली गौरी दास चटर्जी ने भी आरोप लगाया कि बेहतर इंतजामों से इस त्रासदी को टाला जा सकता था। उन्होंने त्योहार के दौरान प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अगर इंतजाम थोड़े बेहतर होते, तो शायद किसी की जान बच सकती थी। जो हुआ है, वह अकल्पनीय है, यह सरकार और पूरे प्रशासन की पूरी तरह से विफलता है। भारत के इतने बड़े त्योहार के दौरान, जब कोई VVIP या कोई बड़ी हस्ती आती है, तभी प्रशासन फुटपाथ तोड़ता है और पुलिस तैनात करता है, लेकिन आम नागरिकों के लिए कोई उचित इंतजाम या प्रबंधन नहीं होता।"

श्रीपर्णा के बचपन को याद करते हुए गौरी दास चटर्जी ने कहा, "जिस लड़की की जान गई, वह बहुत अच्छी इंसान थी। वह हमारे बच्चों के साथ हमारी आंखों के सामने बड़ी हुई थी। शाम को जब हमें यह खबर मिली, तो हम न कुछ खा सके और न ही सो सके; कल रात पड़ोस में किसी ने भी खाना नहीं खाया और न ही कोई सो पाया।"  

सात गिरफ्तार, एसआईटी (SIT) का गठन
इस भयानक हादसे के बाद ऐक्शन लेते हुए कोलकाता पुलिस ने चोरबागन सर्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। राज्य कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने रविवार को जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस पूरी घटना की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। उन्होंने इस हादसे को सीधे तौर पर "कुप्रबंधन का मामला" माना है।

सरकार द्वारा मुआवजे की घोषणा
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, घायलों में से प्रत्येक को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इस घटना के बाद, कोलकाता पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए, शहर के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक, यानी तीन दिनों के लिए प्रभावी रहेगा।  

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