Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Oct, 2026 08:25 AM

कोलकाता के चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम को मची भगदड़ में 25 साल का एक युवक तो बच गया, लेकिन इस हादसे में उसने अपनी मां को खो दिया।
कोलकाता: कोलकाता के चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम को मची भगदड़ में 25 साल का एक युवक तो बच गया, लेकिन इस हादसे में उसने अपनी मां को खो दिया।
आंखों के सामने मां को हमेशा के लिए खो दिया
अभी भी सदमे में मौजूद सोनू पाल ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक हुई बारिश से बचने के लिए पंडाल के प्रवेश द्वार पर खड़े लोग अंदर जाने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे। इस भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों में उनकी मां भी शामिल थीं, जबकि करीब 25 अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा, "मेरी मां मेरी आँखों के सामने ही गुजर गईं, हो सकता है कि मैं भी नहीं बच पाता।"
पाल ने बताया, "बाहर बारिश हो रही थी और कोई भी बाहर नहीं जाना चाहता था। बारिश से बचने के लिए प्रवेश द्वार पर खड़े लोग अंदर जाने के लिए लगातार धक्का दे रहे थे।" दुखी युवक ने बताया कि भीड़ का दबाव जल्द ही बेकाबू हो गया। उन्होंने कहा, "दबाव को झेल न पाने की वजह से, अंदर मौजूद सभी लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।" उन्होंने बताया कि वह खुद भी लोगों के इस ढेर में फंस गए थे। पाल ने कहा, "मैं भी भीड़ के नीचे दब गया था। किसी तरह खुद को संभाला और अपनी मां के पास पहुँचा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।"
यह घटना शाम करीब 7:40 बजे गिरीश पार्क पुलिस थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। पत्रकारों से बात करते हुए परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें अपने अपनों के शव लेने के लिए रविवार सुबह 10 बजे बुलाया गया है।
मेरी बहन अब नहीं रही
हादसे में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के पड़ोसी, सनी ने पूछा, "हम शव तो ले लेंगे, लेकिन जिम्मेदारी कौन लेगा? उस समय पुलिस और प्रशासन कहां थे?" एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह अपनी लगभग 30 साल की बहन की शादी की तैयारी कर रहा था, तभी इस भगदड़ में उसकी जान चली गई। शुभम सोनकर ने पूछा, "आज वह हमारे बीच नहीं रही। इस बात की जिम्मेदारी कौन लेगा?" उनकी बहन परिवार के साथ पंडाल घूमने निकली थी, तभी यह जानलेवा हादसा हो गया। सोनकर ने कहा, "समूह के बाकी लोगों को चोट नहीं आई, लेकिन मेरी बहन अब नहीं रही।"