Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा 2026 कब है? तारीख, पूजा विधि और खास नियम यहां पढ़ें

Edited By Updated: 27 Jan, 2026 05:13 PM

magh purnima 2026 date  significance

हिंदू पंचांग में माघ मास की पूर्णिमा को अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। इसे माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

नेशनल डेस्क: हिंदू पंचांग में माघ मास की पूर्णिमा को अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। इसे माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर देवता स्वयं पृथ्वी पर आकर तीर्थों में स्नान करते हैं, इसलिए यह दिन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

माघ पूर्णिमा 2026 कब है? जानें तिथि और समय

वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में माघ पूर्णिमा रविवार, 1 फरवरी को मनाई जाएगी।

  • पूर्णिमा तिथि आरंभ: 1 फरवरी 2026, सुबह 5:52 बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 फरवरी 2026, सुबह 3:38 बजे

उदयातिथि के अनुसार मुख्य व्रत, पूजा और स्नान 1 फरवरी को ही किया जाएगा।

माघ पूर्णिमा 2026 के शुभ मुहूर्त

माघ पूर्णिमा के दिन पूजा, स्नान और दान के लिए ये समय बेहद शुभ माने गए हैं—

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:17 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:57 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:23 से 3:07 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:58 से 6:24 बजे तक

इन मुहूर्तों में किया गया धार्मिक कार्य कई गुना फल देता है।

माघ पूर्णिमा पूजा सामग्री

पूजा को विधिवत करने के लिए ये वस्तुएं पहले से तैयार रखें—

  • शुद्ध घी और सूती बाती का दीपक
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर)
  • रोली, अक्षत, सिंदूर और चंदन
  • गंगाजल
  • पीले फूल या कमलगट्टे की माला
  • लाल वस्त्र
  • भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र
  • फल, मिठाई और तुलसी पत्र
  • अगरबत्ती और धूप

माघ पूर्णिमा पर क्या करें? जानें पूजा विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, संभव हो तो पवित्र नदी में सूर्य देव को अर्घ्य दें और तुलसी के पास दीपक जलाएं। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।पंचामृत, फल, तुलसी दल और मिष्ठान अर्पित करें। सत्यनारायण कथा का पाठ या श्रवण करें। तिल, गुड़, अनाज, वस्त्र और धन का दान करें। चंद्र उदय पर चंद्रमा को अर्घ्य दें।व्रत रखें और सात्विक जीवनशैली अपनाएं। मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर किया गया दान और जप अक्षय पुण्य प्रदान करता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।

माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

इस दिन स्नान-दान करने से पापों का नाश होता है, जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विशेष रूप से विष्णु और लक्ष्मी की आराधना करने से धन और वैभव में वृद्धि होती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!