Edited By Rahul Singh,Updated: 15 Jan, 2026 07:09 PM

इस बार नगर निगम चुनावों में कुल 2,869 सीटों के लिए 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुंबई में सबसे ज्यादा 1,700 उम्मीदवार, जबकि पुणे में 1,166 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य भर में करीब 3.48 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र थे।
मुंबई : महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनमें देश की सबसे बड़ी नगर निकाय बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) भी शामिल है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहीं। मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 5:30 बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
इस बार नगर निगम चुनावों में कुल 2,869 सीटों के लिए 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुंबई में सबसे ज्यादा 1,700 उम्मीदवार, जबकि पुणे में 1,166 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य भर में करीब 3.48 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र थे। मतदान खत्म होते ही अलग-अलग एजेंसियों की ओर से एग्जिट पोल जारी किए जाने लगे हैं, जिनमें बीएमसी चुनाव के रुझानों को लेकर अहम संकेत मिल रहे हैं।
BMC Election Exit Poll: Axis My India के अनुमान
Axis My India के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीएमसी चुनाव में बीजेपी गठबंधन सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकता है। एजेंसी का अनुमान है कि बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट (UBT) को 58 से 68 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान है। कांग्रेस गठबंधन को 12 से 15 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
वोटिंग ट्रेंड्स पर क्या कहते हैं आंकड़े?
Axis My India के अनुसार, चुनाव में मराठी अस्मिता का मुद्दा UBT के पक्ष में जरूर रहा, लेकिन इसके बावजूद शिंदे गुट और बीजेपी ने भी करीब 30 फीसदी मराठी वोटरों का समर्थन हासिल किया। एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक 49 फीसदी मराठी वोट UBT–MNS के खाते में गए। 68 फीसदी उत्तर भारतीय वोटरों ने बीजेपी–शिवसेना गठबंधन का समर्थन किया। 19 फीसदी उत्तर भारतीय मतदाता ठाकरे भाइयों के साथ रहे। 61 फीसदी दक्षिण भारतीय वोटर बीजेपी गठबंधन के पक्ष में गए। 21 फीसदी दक्षिण भारतीय वोट UBT को मिले। इसके अलावा, कई इलाकों में मुस्लिम वोटरों का झुकाव भी UBT की ओर देखा गया।
सियासी तस्वीर जल्द होगी साफ
हालांकि एग्जिट पोल केवल अनुमान होते हैं, लेकिन ये नतीजे बीएमसी में सत्ता की संभावित तस्वीर जरूर पेश कर रहे हैं। अब सभी की नजरें आधिकारिक मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि देश की सबसे अमीर नगर निगम की कमान किसके हाथ में जाएगी।