Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 Mar, 2026 02:32 PM

महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर इलाके से सरकारी अस्पताल की लापरवाही की एक ऐसी डरावनी तस्वीर सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। अस्पताल के आईसीयू (ICU) विभाग में भर्ती एक 89 वर्षीय महिला को चूहों ने बुरी तरह कुतर डाला। बदकिस्मती से इस हमले...
Mumbai Hospital Rat Bite Case : महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर इलाके से सरकारी अस्पताल की लापरवाही की एक ऐसी डरावनी तस्वीर सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। अस्पताल के आईसीयू (ICU) विभाग में भर्ती एक 89 वर्षीय महिला को चूहों ने बुरी तरह कुतर डाला। बदकिस्मती से इस हमले में गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।
क्या है पूरी घटना?
मृतक बुजुर्ग महिला की पहचान सुहासिनी माठेकर (89 वर्ष) के रूप में हुई है। उन्हें 12 मार्च को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।
यह भी पढ़ें: Girlfriend को 'Rent' पर दिया पति! Wife ने की अनोखी डील, बोली- साथ रहना है तो रोज किराया देना होगा...
ICU में चूहों का तांडव
परिजनों का आरोप है कि रविवार की देर रात जब महिला वेंटिलेटर पर बेबस लेटी हुई थीं तब आईसीयू में मौजूद चूहों ने उनके हाथ को बुरी तरह कुतरना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जब परिवार के लोग उनसे मिलने पहुंचे तो उनके हाथ से खून बह रहा था और घाव देखकर सबके होश उड़ गए। परिजनों के मुताबिक उन्होंने खुद एक चूहे को वहां से भागते हुए देखा।
सोशल मीडिया पर Video Viral
इस घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें महिला के हाथ पर चूहों के काटने के गहरे जख्म साफ देखे जा सकते हैं। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन के स्वच्छता और सुरक्षा दावों की पोल खुल गई है। वेंटिलेटर जैसे संवेदनशील वार्ड में चूहों की मौजूदगी ने डॉक्टरों और वार्ड बॉयज की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें: बेचारा पति! गैस आएगी, तभी आऊंगी वापस... सिलेंडर खत्म हुआ तो ससुराल छोड़ मायके गई पत्नी
परिजनों का फूटा गुस्सा
सुहासिनी जी की मौत के बाद परिवार सदमे में है और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर आईसीयू जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में चूहे घुस सकते हैं और मरीज को नुकसान पहुंचा सकते हैं तो आम वार्डों की क्या स्थिति होगी?