Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 May, 2026 07:10 PM

गर्मियों की छुट्टियों में UAE से भारत आने-जाने की तैयारी कर रहे लाखों यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। भारत की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने अचानक कई उड़ानों में कटौती शुरू कर दी है। इसका सीधा असर दुबई, अबू धाबी और शारजाह...
नेशनल डेस्क : गर्मियों की छुट्टियों में UAE से भारत आने-जाने की तैयारी कर रहे लाखों यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। भारत की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने अचानक कई उड़ानों में कटौती शुरू कर दी है। इसका सीधा असर दुबई, अबू धाबी और शारजाह से सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ने वाला है।
बताया जा रहा है कि ईरान संघर्ष के बाद जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसकी वजह से एयरलाइंस अपने खर्च कम करने के लिए उड़ानों की संख्या घटा रही हैं। इंडिगो ने जून-जुलाई के दौरान घरेलू उड़ानों में 7 से 10 प्रतिशत तक कटौती की है, जबकि एयर इंडिया ने करीब 22 प्रतिशत उड़ानें कम कर दी हैं।
सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो दिल्ली और मुंबई के जरिए भारत के छोटे शहरों या विदेशों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेते हैं। सीटें कम होने से टिकट महंगे बने रहने की आशंका भी बढ़ गई है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्कूल की छुट्टियों और भारी मांग के कारण खाड़ी-भारत रूट पर किराए और बढ़ सकते हैं।
ईंधन की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी ने एयरलाइंस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एयर इंडिया के मुताबिक पहले विमानन ईंधन की कीमत करीब 80 हजार रुपये प्रति किलोलीटर थी, जो अब बढ़कर 1 लाख रुपये से ज्यादा हो गई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल सप्लाई प्रभावित होने से यह संकट और गहरा गया है।
एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी कटौती की है। दिल्ली-शिकागो फ्लाइट रद्द कर दी गई है, जबकि सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, वैंकूवर, पेरिस, सिंगापुर और बैंकॉक जैसी कई उड़ानों की संख्या घटा दी गई है। इससे UAE के उन यात्रियों को भी परेशानी होगी जो भारत के जरिए दूसरे देशों की यात्रा करते हैं।
इधर इंडिगो भी परिचालन दबाव और बढ़ती लागत से जूझ रही है। एयरलाइन रोजाना 2200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है, लेकिन बढ़ते खर्च और एयरपोर्ट भीड़भाड़ के चलते उसे भी क्षमता कम करनी पड़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में खाड़ी देशों की एयरलाइंस जैसे एमिरेट्स, एतिहाद और फ्लाईदुबई की मांग बढ़ सकती है, क्योंकि यात्री ज्यादा स्थिर और सीधी उड़ानों की तलाश करेंगे। हालांकि इन एयरलाइंस पर भी महंगे ईंधन का दबाव बना हुआ है।
एयर इंडिया ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट, मुफ्त तारीख बदलाव और जरूरत पड़ने पर पूरा रिफंड दिया जाएगा। एयरलाइन लगातार हालात की समीक्षा कर रही है और ईंधन की कीमतों व मांग के हिसाब से आगे भी उड़ानों में बदलाव संभव है।