Edited By Tanuja,Updated: 18 Oct, 2026 12:22 PM

भारत ने मालदीव को 320 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मुद्रा अदला-बदली सुविधा की पहली निकासी चुकाने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय देने पर सहमति जताई है। हालांकि, भारत सरकार की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मालदीव ने प्रधानमंत्री मोदी की पड़ोसी प्रथम...
Male: मालदीव ने भारत की ओर से 320 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मुद्रा अदला-बदली सुविधा की पहली निकासी की अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। इस कदम से आर्थिक दायित्वों को पूरा करने में जुटे द्वीपीय देश को अतिरिक्त समय और वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है। यह सुविधा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण के बीच हुए द्विपक्षीय मुद्रा अदला-बदली समझौते के तहत दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, मालदीव सरकार के अनुरोध पर भारत ने करीब 30 अरब रुपS की पहली निकासी की चुकौती अवधि तीन महीने बढ़ाने पर सहमति दी है। इस राशि का अमेरिकी डॉलर में मूल्य लगभग 320 मिलियन है। हालांकि, अवधि बढ़ाए जाने को लेकर भारत सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए तीन महीने के विस्तार की जानकारी को फिलहाल रिपोर्टों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
मालदीव ने भारत के सहयोग की सराहना की
मालदीव सरकार ने अपने बयान में भारत के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि यह निर्णय दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों, मित्रता, आपसी सम्मान और सद्भावना को दर्शाता है। सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के नेतृत्व में भारत सहित प्रमुख द्विपक्षीय साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। मालदीव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत भारत की ओर से मिल रही सहायता का भी उल्लेख किया। उसने दोनों देशों के पारस्परिक लाभ के लिए मजबूत संबंध बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। भारत ने मालदीव को आर्थिक और वित्तीय सहायता देने के अपने प्रयासों के तहत 23 अप्रैल को 320 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पहली निकासी को मंजूरी दी थी। माले स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यह राशि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की मुद्रा अदला-बदली रूपरेखा के तहत जारी की गई थी।
इस वित्तीय व्यवस्था से संबंधित समझौता अक्टूबर 2024 में राष्ट्रपति मुइज्जू की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव सरकार के बीच हुआ था। मुद्रा अदला-बदली सुविधा का उद्देश्य जरूरत के समय विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराना है, ताकि मालदीव अपनी तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताओं और भुगतान संबंधी दायित्वों को पूरा कर सके। मालदीव अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और बाहरी भुगतान दायित्वों का प्रबंधन करने में जुटा है। सितंबर में उसने
ऐसे में 320 मिलियन डॉलर की सुविधा की अवधि बढ़ने से मालदीव को अपनी चुकौती व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है। यह सुविधा सीधे तौर पर अल्पकालिक विदेशी मुद्रा सहायता उपलब्ध कराने के लिए है, न कि अपने आप में कर्ज माफी। भारत और मालदीव के बीच यह वित्तीय सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्तावित तीन महीने का विस्तार मालदीव को तत्काल वित्तीय दबाव से निपटने में मदद दे सकता है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।