Male Birth Control Pill: वैज्ञानिकों की नई खोज: लड़कों के लिए बनाई गर्भनिरोधक गोली, रोक देती है स्पर्म प्रोडक्शन

Edited By Updated: 14 Apr, 2026 08:57 AM

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Male Contraceptive Pill: दशकों से परिवार नियोजन को लेकर सरकार समय-समय पर जागरूकता देती रहती है ऐसे में जहां महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों का सहारा लेना पड़ता था वहीं पुरुषों के पास अब तक कंडोम या नसबंदी (Vasectomy) जैसे सीमित विकल्प ही थे। लेकिन...

 Male Contraceptive Pill: दशकों से परिवार नियोजन को लेकर सरकार समय-समय पर जागरूकता देती रहती है ऐसे में जहां महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों का सहारा लेना पड़ता था वहीं पुरुषों के पास अब तक कंडोम या नसबंदी (Vasectomy) जैसे सीमित विकल्प ही थे। लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई तकनीक खोजी है, जो पुरुष गर्भनिरोधक की दुनिया में क्रांति ला सकती है।

क्या है यह नई खोज? 
अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा खोजने में सफलता पाई है, जो बिना हार्मोन (Non-hormonal) के काम करती है। यह तकनीक शरीर के हार्मोन लेवल से छेड़छाड़ किए बिना स्पर्म (Sperm) बनने की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसका असर अस्थायी (Temporary) है।

यह कैसे काम करती है? 
यह तकनीक शरीर की एक खास जैविक प्रक्रिया को निशाना बनाती है:

मियोसिस (Meiosis) पर वार: स्पर्म बनने के लिए 'मियोसिस' नाम की प्रक्रिया जरूरी होती है। वैज्ञानिकों ने एक खास कंपाउंड का उपयोग करके चूहों में इस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया।  जब तक दवा का असर रहता है, स्पर्म नहीं बनते। लेकिन जैसे ही दवा बंद की जाती है, स्पर्म बनने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो जाती है। रिसर्च में देखा गया कि दवा बंद करने के बाद चूहों की प्रजनन क्षमता (Fertility) वापस आ गई और उन्होंने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया।

पुरानी दवाओं से क्यों बेहतर है? (Why it’s Better)
अभी तक पुरुष गर्भनिरोधक पर जितनी भी रिसर्च हुई, वे ज्यादातर हार्मोनल थीं। उनके कई नुकसान थे:
- हार्मोनल दवाओं से चिड़चिड़ापन और तनाव होता था।
- पुरुषों की सेक्स ड्राइव पर बुरा असर पड़ता था।
- नसबंदी को वापस सामान्य करना (Reverse) बहुत मुश्किल और दर्दनाक होता है।
-यह नई खोज इन सभी झंझटों से मुक्त है क्योंकि यह पूरी तरह नॉन-हार्मोनल है।

 क्या यह इंसानों के लिए तैयार है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अभी एक शुरुआती सफलता है। वर्तमान में जिस कंपाउंड का इस्तेमाल चूहों पर किया गया है, उसे सीधे तौर पर इंसानों के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। अभी इस पर और रिसर्च और ह्यूमन ट्रायल्स (Human Trials) होने बाकी हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट न हों। जैसे कि...
- शरीर के नेचुरल हार्मोन से कोई छेड़छाड़ नहीं।
-जब चाहें दवा शुरू करें, जब चाहें बंद करें।
-दवा छोड़ने पर फर्टिलिटी दोबारा वापस आ जाती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी दवा के प्रयोग से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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