Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 Apr, 2026 09:44 AM

ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में साल 2026 की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। जहां एक तरफ कंपोनेंट्स (DRAM और NAND मेमोरी) की कमी के चलते कुल शिपमेंट में 6% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज टेक कंपनी Apple ने इतिहास रचते हुए पहली तिमाही...
नई दिल्ली: ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में साल 2026 की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। जहां एक तरफ कंपोनेंट्स (DRAM और NAND मेमोरी) की कमी के चलते कुल शिपमेंट में 6% की गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज टेक कंपनी Apple ने इतिहास रचते हुए पहली तिमाही (Q1) में दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड का खिताब अपने नाम कर लिया है।
Apple का ऐतिहासिक प्रदर्शन
आमतौर पर पहली तिमाही में सैमसंग का दबदबा रहता है, लेकिन Counterpoint Research की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार बाजी ऐप्पल ने मारी है। ऐप्पल 21% शेयर के साथ पहले स्थान पर है। iPhone 17 Series की जबरदस्त मांग और शानदार 'ट्रेड-इन' ऑफर्स ने कंपनी को टॉप पर पहुंचाया। यह पहली बार है जब Apple ने साल की पहली तिमाही (Q1) में ग्लोबल मार्केट में पहला स्थान हासिल किया है।
सैमसंग और शाओमी की स्थिति
Samsung: 20% मार्केट शेयर के साथ सैमसंग दूसरे स्थान पर खिसक गया है। गैलेक्सी S26 सीरीज के लॉन्च में देरी और बजट सेगमेंट में कम डिमांड को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।
Xiaomi: चीनी कंपनी शाओमी 14% मार्केट शेयर के साथ तीसरे पायदान पर बनी हुई है। हालांकि, सालाना आधार पर इसकी सेल में गिरावट देखी गई है।
OPPO & Vivo: ओप्पो (वनप्लस और रियलमी सहित) 11% शेयर के साथ चौथे और वीवो 8% के साथ पांचवें नंबर पर है।
Google और Nothing: छोटे पैकेट, बड़ा धमाका
भले ही ये कंपनियां टॉप-5 में न हों, लेकिन इनकी ग्रोथ ने सबको हैरान कर दिया है:
Google (14% ग्रोथ): पिक्सल सीरीज, खासकर नए Pixel 10a की सफलता और बेहतरीन AI फीचर्स के चलते गूगल ने 14 प्रतिशत की सालाना बढ़त हासिल की है।
Nothing (25% ग्रोथ): कार्ल पेई की कंपनी 'नथिंग' ने इस तिमाही में सबसे तेज 25% की छलांग लगाई है। अपने यूनिक 'ग्लिफ इंटरफेस' और Nothing Phone (4a) के दम पर यह ब्रांड युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
मार्केट में गिरावट के बड़े कारण
इस साल जनवरी से मार्च के बीच कुल 1.26 बिलियन फोन शिप किए गए, जो पिछले साल से करीब 7.5 करोड़ यूनिट कम हैं। इसके पीछे के मुख्य कारण ये हैं:
-मेमोरी चिप्स (DRAM और NAND) की वैश्विक किल्लत।
-बढ़ती लागत के कारण एंट्री-लेवल (बजट) फोन की मांग में कमी।
-ग्राहकों का अब प्रीमियम और AI-पावर्ड फोन की तरफ ज्यादा झुकाव।