Edited By Mansa Devi,Updated: 08 Apr, 2026 04:20 PM

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का विरोध करने के लिए फिर से अदालत का...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का विरोध करने के लिए फिर से अदालत का रुख करेगी। राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पूरा होने पर लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाने के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की।

बनर्जी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की कवायद को लेकर अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, ''मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाकर आप तृणमूल कांग्रेस को नहीं हरा पाएंगे। नामों को हटाने के विरोध में हम फिर से अदालत जाएंगे।'' बनर्जी ने फरवरी में उच्चतम न्यायालय में दलीलें दी थीं, जिसमें उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से 90.83 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे पता चलता है कि मतदाताओं का नाम हटाने का अनुपात अब भी 11.85 प्रतिशत से अधिक है।

हुगली जिले के आरामबाग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने भाजपा पर मतदाता सूचियों में हेरफेर करने और मतदाताओं को लुभाने के लिए धन की पेशकश करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग फोन पर लोगों को धमका रहा है। उन्होंने दावा किया, ''निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। यह लोगों को फोन करके धमका रहा है और डरा रहा है।''