Edited By Pardeep,Updated: 07 Aug, 2026 02:57 AM

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में अंधविश्वास और अंधभक्ति का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। लाखांदूर तालुका के मसाल गांव में जादू-टोना करने के संदेह में ग्रामीणों द्वारा लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटे गए 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की नागपुर के अस्पताल में इलाज...
नेशलन डेस्कः महाराष्ट्र के भंडारा जिले में अंधविश्वास और अंधभक्ति का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। लाखांदूर तालुका के मसाल गांव में जादू-टोना करने के संदेह में ग्रामीणों द्वारा लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटे गए 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की नागपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मृतक की पहचान बलराम लांजेवार (65) के रूप में हुई है। केवल जादू-टोना करने के संदेह के आधार पर ग्रामीणों ने उन पर लाठियों और लकड़ी के खंभों से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल बलराम को इलाज के लिए नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। बुजुर्ग की मौत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने इस सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और घटना के सही क्रम व इसके पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है। महाराष्ट्र में काला जादू और अंधविश्वास विरोधी कड़ा कानून लागू होने के बावजूद, ग्रामीण इलाकों में जादू-टोने के संदेह में मॉब लिचिंग और हिंसा की घटनाएं थम नहीं रही हैं।