Edited By Ramkesh,Updated: 17 May, 2026 05:16 PM

ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर से भारतीय मूल के एक मसाज थेरेपिस्ट से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली से ऑस्ट्रेलिया जाकर बसे 39 वर्षीय सुमित सतीश रस्तोगी को अदालत ने दर्जनों महिलाओं के यौन उत्पीड़न और गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करने के...
इंटरनेशनल डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर से भारतीय मूल के एक मसाज थेरेपिस्ट से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली से ऑस्ट्रेलिया जाकर बसे 39 वर्षीय सुमित सतीश रस्तोगी को अदालत ने दर्जनों महिलाओं के यौन उत्पीड़न और गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करने के मामले में 13 साल 10 महीने की जेल की सजा सुनाई है।
दर्जनों महिलाओं के गुप्त वीडियो
अदालत में पेश सबूतों के मुताबिक, सुमित एडिलेड के ग्लेनेलग इलाके स्थित एक मसाज सेंटर में काम करता था। जांच में खुलासा हुआ कि अक्टूबर 2021 से जुलाई 2022 के बीच उसने वहां आने वाली महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें कीं और कई पीड़ितों की बिना जानकारी वीडियो व तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। पुलिस जांच में उसके खिलाफ कुल 97 गंभीर आरोप सामने आए। इनमें दर्जनों महिलाओं के गुप्त वीडियो बनाना और कई मामलों में यौन दुर्व्यवहार शामिल था। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने इलाज और आराम की उम्मीद लेकर आने वाली महिलाओं के भरोसे का फायदा उठाया।
बिना डिग्री के चला रहा था मसाज थेरेपी
सुनवाई के दौरान कई पीड़ित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। एक महिला ने बताया कि यह घटना उसके हनीमून के दौरान हुई, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गई और अब किसी पुरुष डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल पर भरोसा नहीं कर पाती। अदालत को यह भी बताया गया कि आरोपी के पास मसाज थेरेपी की कोई मान्यता प्राप्त डिग्री या आधिकारिक प्रशिक्षण नहीं था।
कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
बचाव पक्ष ने मानसिक बीमारी का हवाला देकर राहत मांगने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि कोई भी मानसिक समस्या इस तरह के अपराधों को जायज नहीं ठहरा सकती। कोर्ट ने सुमित के लिए 10 साल 10 महीने की नॉन-पैरोल अवधि तय की है, यानी इससे पहले उसकी रिहाई संभव नहीं होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, सजा पूरी होने के बाद उसे ऑस्ट्रेलिया से निर्वासित भी किया जा सकता है।