Edited By Parveen Kumar,Updated: 08 May, 2026 07:53 PM

क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर सवार दो भारतीय नागरिकों में हंटावायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें निगरानी में रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस जहाज...
नेशनल डेस्क : क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर सवार दो भारतीय नागरिकों में हंटावायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें निगरानी में रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस जहाज पर हंटावायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। सूत्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) चैनलों के माध्यम से प्राप्त जानकारी से संकेत मिलता है कि दोनों भारतीय निगरानी में हैं, जबकि मंत्रालय डब्ल्यूएचओ और अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ करीब समन्वय बनाए हुए है।
एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों के समन्वय से उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार (आईएचआर) ढांचे के तहत डब्ल्यूएचओ द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज पर हंटावायरस संक्रमण के आठ संभावित मामले सामने आए हैं, जिनमें से पांच की प्रयोगशाला में पुष्टि हो चुकी है। तीन मौतें भी हुई हैं।
डब्ल्यूएचओ को मई के पहले सप्ताह में इस मामले की जानकारी दी गई थी। अधिकारी ने बताया कि इसमें शामिल वायरस हंटावायरस का एंडीज स्ट्रेन है, जिसमें मानव से मानव में संचरण की सीमित क्षमता होती है और आमतौर पर इसके प्रसार के लिए निकट और लंबे समय तक संपर्क की आवश्यकता होती है।
अधिकारी ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को कम बताया है, हालांकि बीमारी के लक्षण देर से दिखने की वजह से आगे और मामले मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ, आईएचआर व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत और निगरानी प्रयासों का समन्वय कर रहा है।
इसके तहत जांच सुविधाओं को मजबूत करना, संक्रमण की स्थिति का आकलन करना और यात्रियों व चालक दल के सदस्यों के सुरक्षित उतरने और आगे की यात्रा की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। उभरती स्थिति के मद्देनजर एनसीडीसी और आईडीएसपी के अंतर्गत जन स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र (पीएचईओसी) ने हालात का आकलन करने और तैयारियों के उपायों की समीक्षा करने के लिए आईडीएसपी और आईएचआर-एनएफपी इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है।