Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Aug, 2026 08:03 AM

महाराष्ट्र के बीड ज़िला अस्पताल में गंभीर मेडिकल लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। C-सेक्शन सर्जरी के दौरान डॉक्टरों द्वारा शरीर के भीतर सर्जिकल सामान छोड़ दिए जाने के कारण 19 वर्षीय संध्या सूरज गायकवाड़ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
मुंबई: महाराष्ट्र के बीड ज़िला अस्पताल में गंभीर मेडिकल लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। C-सेक्शन सर्जरी के दौरान डॉक्टरों द्वारा शरीर के भीतर सर्जिकल सामान छोड़ दिए जाने के कारण 19 वर्षीय संध्या सूरज गायकवाड़ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
1 अगस्त को हुई इस सर्जरी के चार दिन बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि, पेट में असहनीय दर्द उठने पर जब परिजन उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, तब मेडिकल स्कैन के ज़रिए पेट के अंदर सर्जिकल उपकरण छूटे होने का खुलासा हुआ। मेडिकल स्कैन के दौरान, उनके पेट के अंदर बाहरी चीज़ें पाई गईं।
पुणे के ससून अस्पताल में उनकी इमरजेंसी सर्जरी हुई, जिसके दौरान डॉक्टरों ने डिलीवरी के समय उनके शरीर के अंदर रह गए सर्जिकल ग्लव्स और पेपर टिश्यू वाइप्स को बाहर निकाला। पीड़ित परिवार ने उनकी हालत पर गहरा दुख जताया और उनके पति ने मेडिकल टीम पर लापरवाही का आरोप लगाया। महिला की मां ने कहा कि उनकी बेटी में अपने नवजात बच्चे को गोद में लेने की भी ताकत नहीं थी। मंगलवार को परिवार ने ज़िला अस्पताल प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराई।
बीड के ज़िला सर्जन सतीशकुमार सोलंके ने पुष्टि की है कि सर्जरी में शामिल डॉक्टर और स्टाफ़ को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि अगर स्वास्थ्य विभाग की जाँच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके ख़िलाफ़ सख़्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।