ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो का बदला नक्शा! अब 11 नहीं सिर्फ 5 स्टेशनों के साथ दौड़ेगी ट्रेन, जानिए क्या है नया रूट प्लान?

Edited By Updated: 02 Apr, 2026 10:02 AM

metro project revamped sector 51 to greater noida west route shortened

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से अटके हुए मेट्रो प्रोजेक्ट को अब नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा।

नेशनल डेस्क: नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से अटके हुए मेट्रो प्रोजेक्ट को अब नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित मेट्रो रूट में बदलाव कर नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नई योजना और बदलाव
पहले इस रूट पर करीब 11 स्टेशन प्रस्तावित थे, लेकिन अब इसे छोटा कर लगभग 7.3 किलोमीटर लंबा रूट तैयार किया गया है, जिसमें केवल पांच स्टेशन होंगे। नए स्टेशन सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक के आसपास प्रस्तावित किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि छोटा और व्यावहारिक रूट बनाने से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने में आसानी होगी और लागत भी नियंत्रित रहेगी।


पुरानी योजना क्यों फेल हुई?
पुरानी DPR कई कारणों से अटक गई थी। एक ही कॉरिडोर पर अलग-अलग परियोजनाओं को समायोजित करना मुश्किल था। साथ ही, गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक “नमो भारत” योजना के आने से रूट की उपयोगिता और डिजाइन पर सवाल उठे। इस वजह से केंद्र सरकार ने पुरानी DPR पर आपत्ति जताते हुए उसे खारिज कर दिया था।


नोएडा मेट्रो विस्तार के अन्य प्रोजेक्ट
नोएडा में मेट्रो विस्तार को लेकर दो और बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। पहला प्रोजेक्ट सेक्टर-142 से बोटैनिकल गार्डन तक प्रस्तावित है। यह करीब 11.56 किलोमीटर लंबा होगा और इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर आठ स्टेशन बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2254 करोड़ रुपए बताई जा रही है।


लागत और समय अनुमान
सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट नई मेट्रो रूट की अनुमानित लागत करीब 1000 करोड़ रुपए है। छोटा रूट होने के कारण परियोजना की लागत कम होगी और इसे जल्दी पूरा करने की संभावना बढ़ जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक नई DPR तैयार होने के बाद इसे पहले राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, उसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


जनता को मिलेगा सीधा लाभ
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 5 लाख लोग रहते हैं और यहां के दैनिक यात्रियों को लंबे समय से मेट्रो सुविधा का इंतजार था। नई योजना पर काम शुरू होने के बाद लाखों लोगों को इसका सीधे फायदा मिलेगा और क्षेत्र का ट्रैफिक एवं आवागमन सुविधाजनक होगा।

 

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