Edited By Ramkesh,Updated: 05 Aug, 2026 12:52 PM

गंगा मां के नाम पर भाषण और वादे तो हजारों किए जाते हैं, लेकिन जब बात गंगा की सफाई और उसे प्रदूषण से बचाने की आती है, तो सरकारी दावों की असलियत सामने आ जाती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई जगह गंगा में गंदा पानी और सीवेज का गिरना जारी है।...
नेशनल डेस्क: गंगा मां के नाम पर भाषण और वादे तो हजारों किए जाते हैं, लेकिन जब बात गंगा की सफाई और उसे प्रदूषण से बचाने की आती है, तो सरकारी दावों की असलियत सामने आ जाती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई जगह गंगा में गंदा पानी और सीवेज का गिरना जारी है। ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
वायरल वीडियो हरिद्वार के गंगा घाट का बताया जा रहा है जहां पर नहाने की जगहों और तीर्थ स्थलों के पास नालों से गंदा पानी बहता हुआ दिख रहा है, जिससे सीवेज मैनेजमेंट पर नए सवाल उठ रहे हैं। इस फुटेज से बहस छिड़ गई है क्योंकि अधिकारियों का दावा है कि सभी बड़े नाले ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े हैं, जबकि प्रदूषण के लेवल को लेकर पर्यावरण की चिंताएं बनी हुई हैं। यह घटना पवित्र नदी को बचाने की मौजूदा चुनौती को दिखाती है।
लोगों का सवाल है कि अगर गंगा को साफ करने के लिए योजनाएं और बजट की कमी नहीं है, तो फिर गंगा की हालत कब सुधरेगी? आखिर “गंगा मां” के नाम पर राजनीति कब खत्म होगी और सफाई का काम जमीन पर कब दिखेगा? वायरल वीडियो को लेकर लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहीं भी सीवेज या गंदा पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है, तो उसे तुरंत रोका जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और जनता के सामने पूरी रिपोर्ट रखी जाए।