मां चल नहीं पा रही थी, बेटे ने बचाने के लिए नहीं छोड़ा साथ; नोएडा बस अग्निकांड में दोनों की मौ'त

Edited By Updated: 25 Sep, 2026 10:20 PM

mother was unable to walk son did not leave her to save her

यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही एक टूरिस्ट बस में भीषण आग लगने से महोबा के भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी और बेटे समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई तथा कई अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों में चरखारी कस्बे के राजमंदिर क्षेत्र निवासी...

नेशनल डेस्कः यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही एक टूरिस्ट बस में भीषण आग लगने से महोबा के भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी और बेटे समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई तथा कई अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों में चरखारी कस्बे के राजमंदिर क्षेत्र निवासी सुनीता और उनका बेटा शशांक शामिल हैं।

हादसे के वक्त सुनीता बस की आखिरी सीट पर बैठी थीं और उन्हें चलने में परेशानी होती थी। जब बस चालक ने यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा, तो शशांक अपनी मां को बाहर निकालने की कोशिश में उनके पास ही रुका रहा, लेकिन चलने में असमर्थ होने के कारण दोनों समय पर बाहर नहीं निकल सके। धुएं और गंभीर रूप से झुलसने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव इतने अधिक झुलस गए थे कि उनकी पहचान डीएनए (DNA) जांच और शारीरिक निशानों के जरिए की गई। हादसे के बाद पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल सहित कई भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की।

'मरो या जियो, बस नहीं रोकूंगा' — FIR में चालक की लापरवाही का खुलासा

मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, बस में सवार यात्रियों ने घटना से पहले चालक और कंडक्टर के धूम्रपान (स्मोकिंग) करने पर आपत्ति जताई थी, जिसे उन्होंने हंसकर टाल दिया था। इसके बाद जब बस में जलने की बदबू आने लगी और यात्रियों ने दोबारा शिकायत की, तो चालक और कंडक्टर ने इसे सामान्य बताते हुए अनदेखा कर दिया और चालक स्मोकिंग करता रहा। कुछ ही मिनटों में बस के अगले हिस्से में आग लग गई और जब यात्रियों ने चीखना-पुकारना शुरू किया, तो चालक ने कहा, "मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम मरो, मैं बस नहीं रोकूंगा"।

AC ब्लास्ट से भड़की आग, बस पर थे 1.7 लाख रुपये के 60 से अधिक चालान

शुरुआती जांच में पता चला है कि आग की शुरुआत बस के एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम में ब्लास्ट से हुई, जिससे इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लग गई और लपटें तेजी से फैल गईं। 35 से अधिक यात्रियों को ले जा रही और बिहार में पंजीकृत यह बस (BR32PA8647) पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। हादसे में चालक और कंडक्टर दोनों बच गए, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बस के रिकॉर्ड की जांच में खुलासा हुआ कि इस वाहन पर यातायात नियमों के उल्लंघन के 60 से अधिक चालान दर्ज थे, जिनमें से 20 चालान बकाया थे और कुल 1.7 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लंबित था।

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