Edited By Tanuja,Updated: 30 Aug, 2026 05:05 PM

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बाद मृतकों की पहचान में मदद के लिए भारत ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भेजी है। टीम नेपाली विशेषज्ञों के साथ DNA सैंपल का विश्लेषण करेगी। भारत की चौथी राहत उड़ान 11 टन सामग्री, सर्च-रेस्क्यू उपकरण और विशेषज्ञों को लेकर...
Kathmandu: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए भारत ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम नेपाल भेजी है। यह टीम नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर मृतकों के DNA सैंपल का विश्लेषण करेगी, ताकि शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिल सके। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रविवार को भारतीय फॉरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि टीम बाढ़ में मारे गए लोगों के अवशेषों की पहचान के लिए नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करेगी। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बताया कि भारतीय फॉरेंसिक टीम नेपाल में तैनात की गई है। टीम का मुख्य काम DNA सैंपल का विश्लेषण करना है। इससे उन मृतकों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनके शवों की पहचान सामान्य तरीकों से मुश्किल हो रही है। खासकर बाढ़ और मलबे से बरामद शवों की पहचान में DNA जांच अहम साबित हो सकती है।
भारतीय फॉरेंसिक टीम भारत से भेजी गई चौथी राहत उड़ान के जरिए काठमांडू पहुंची। इस विमान में राहत सामग्री के साथ आपदा प्रबंधन के लिए जरूरी तकनीकी विशेषज्ञ और विशेष उपकरण भी भेजे गए। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चौथी उड़ान में 11 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई है, जिसे संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया। भारत की मदद सिर्फ DNA जांच तक सीमित नहीं है। राहत सामग्री के साथ सर्च एंड रेस्क्यू उपकरणों से लैस टनल तकनीकी टीम भी नेपाल भेजी गई है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इन सामानों का इस्तेमाल आपदा से प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 2,498 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं। इनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ऐसे में लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ मृतकों की पहचान करना भी राहत और बचाव अभियान की बड़ी चुनौती बना हुआ है। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने फॉरेंसिक टीम से मुलाकात के बाद कहा कि भारतीय विशेषज्ञ नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर DNA विश्लेषण में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत नेपाल के जारी राहत और बचाव प्रयासों में मजबूती से सहयोग करता रहेगा।