Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Jun, 2026 03:56 PM

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) एक नई योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत National Highways और Expressways पर हर 40 से 60 किलोमीटर के अंतराल पर गाड़ियों की मरम्मत और पंचर ठीक करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य लंबी दूरी के...
नेशनल डेस्क: देशभर में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को एक बड़ी सुविधा दी जाएगी। अकसर वाहन चालाकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अचानक गाड़ी खराब होने या टायर पंचर होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर सुनसान इलाकों और रात के समय यह परेशानी और भी बढ़ जाती है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नया सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत हाईवे और एक्सप्रेसवे पर बनाए जा रहे वे-साइड अमेनिटीज (Wayside Amenities) सेंटरों में अब वाहन मरम्मत और पंचर रिपेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
फील्ड ऑफिसों को दिए गए निर्देश
NHAI की सहयोगी कंपनी नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने अपने सभी Regional Offices को निर्देश जारी किए हैं कि जिन वे-साइड अमेनिटीज सेंटरों का निर्माण किया जा रहा है, वहां वाहन मरम्मत से जुड़ी सुविधाएं अनिवार्य रूप से शुरू की जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वाहन चालक को रास्ते में तकनीकी खराबी आने पर तुरंत सहायता मिल सके।
हर 40 से 60 किलोमीटर पर मिलेगी सुविधा
आमतौर पर ये अमेनिटीज सेंटर हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 40 से 60 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किए जा रहे हैं। यहां यात्रियों को आराम करने, खाने-पीने और ईंधन जैसी सुविधाओं के साथ अब वाहन रिपेयरिंग और पंचर ठीक कराने की सुविधा भी मिलेगी।
यात्रियों की शिकायतों के बाद लिया फैसला
पिछले कुछ समय से एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं कि गाड़ी खराब होने या टायर पंचर होने पर उन्हें मदद मिलने में काफी समय लग जाता है। कई बार लोगों को घंटों तक सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए नए सिस्टम को लागू करने का फैसला लिया गया है। हाईवे पर विकसित किए जा रहे बड़े अमेनिटीज सेंटरों में पहले से ही Restaurants, Petrol Pumps, Clean Toilets, EV charging stations, parking, और truck drivers के लिए रेस्ट रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब इनमें वाहन मरम्मत और मैकेनिक सेवाओं को भी शामिल किया जा रहा है ताकि यात्रियों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं मिल सकें।
इस नए सिस्टम से वाहन चालकों को क्या होंगे मुख्य लाभ
-सफर के दौरान टायर पंचर होने या वाहन में अचानक खराबी आने पर सहायता के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
-हाईवे और एक्सप्रेसवे के सुनसान इलाकों में फंसने की स्थिति में भी यात्रियों को जल्द तकनीकी मदद उपलब्ध हो सकेगी।
-एक ही स्थान पर भोजन, ईंधन, ईवी चार्जिंग और वाहन मरम्मत जैसी कई जरूरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
-एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होने पर सहायता की तलाश में इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय की बचत होगी।
-हाईवे किनारे रिपेयर और गैराज सुविधाओं से सड़क यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी।
700 से अधिक सेंटर बनाने की योजना
सरकार देशभर के प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर 700 से ज्यादा वे-साइड अमेनिटीज सेंटर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इनमें से 134 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि 511 प्रोजेक्ट्स निजी कंपनियों को सौंपे जा चुके हैं। शेष 56 परियोजनाओं के लिए भी जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लंबे समय की लीज़ पर आधुनिक ‘वेसाइड एमेनिटीज़’ (WSA) विकसित कर रहा है। इन WSA को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि ये यात्रियों और कमर्शियल वाहनों के लिए एक इंटीग्रेटेड सर्विस हब की तरह काम करें। लीज़ एग्रीमेंट के तहत, जरूरी बेसिक सुविधाओं के साथ-साथ कई अन्य मंज़ूरशुदा सुविधाएँ भी विकसित की जा सकती हैं, जिनमें गाड़ियों की मरम्मत की दुकानें और पंचर रिपेयर जैसी सेवाएँ शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य हाईवे पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बिना रुकावट बनाना है। साथ ही, यह नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को World-class बनाने और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुल मिलाकर, यह योजना NHAI की सुरक्षित, आधुनिक और यूज़र-फ्रेंडली हाईवे कॉरिडोर विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो देश में आर्थिक विकास और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगी।