Edited By Ramanjot,Updated: 19 Jan, 2026 07:35 PM

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबकर हुई मौत के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश...
Noida News: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबकर हुई मौत के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
एडीजी मेरठ करेंगे SIT का नेतृत्व
गठित SIT की कमान एडीजी जोन मेरठ को सौंपी गई है। टीम में मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है।
SIT को हादसे के वास्तविक कारणों, जिम्मेदार विभागों की भूमिका, लापरवाही की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय सुझाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
जलभराव बना मौत की वजह, प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के समय सेक्टर-150 इलाके में भारी जलभराव था। इसी दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गड्ढे/अंडरपास में फंस गई, जिससे कार समेत व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, नोएडा प्राधिकरण और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नोएडा अथॉरिटी के CEO हटाए गए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
किन बिंदुओं पर जांच करेगी SIT?
विशेष जांच टीम निम्न बिंदुओं की गहराई से जांच करेगी—
- क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था
- सड़क और अंडरपास निर्माण की गुणवत्ता
- मौके पर चेतावनी संकेतों और बैरिकेडिंग की स्थिति
- आपातकालीन हालात में रेस्पॉन्स सिस्टम की कार्यप्रणाली ।