Edited By Rohini Oberoi,Updated: 31 Jan, 2026 01:44 PM

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित पीडी सिटी मॉल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। पोलैंड से दो साल बाद अपने घर लौटे एक एनआरआई (NRI) का परिवार उस वक्त मौत के साये में आ गया जब मॉल की लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण बीच में ही अटक गई। लिफ्ट में फंसे...
नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित पीडी सिटी मॉल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। पोलैंड से दो साल बाद अपने घर लौटे एक एनआरआई (NRI) का परिवार उस वक्त मौत के साये में आ गया जब मॉल की लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण बीच में ही अटक गई। लिफ्ट में फंसे 8 लोग करीब 35 मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। प्रबंधन की भारी लापरवाही और जर्जर हो चुकी लिफ्ट ने इस खुशी के माहौल को दहशत में बदल दिया। आइए जानते हैं क्या है पूरी घटना:
फिल्म देखने गए थे, बन गई हॉरर स्टोरी
बिहार के गोपालगंज (गौराबाजार) के मूल निवासी मोहन पांडेय जो लंबे समय से पोलैंड में रहते हैं हाल ही में कुशीनगर अपने परिवार से मिलने आए थे। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे पूरा परिवार बॉर्डर-2 फिल्म देखने के लिए पडरौना के पीडी सिटी मॉल पहुंचा था। मोहन पांडेय अपनी बुजुर्ग मां मंजू पांडेय, बहन, भांजियों और अन्य रिश्तेदारों सहित कुल 8 लोगों के साथ लिफ्ट से तीसरे फ्लोर (सिनेमा हॉल) की ओर जा रहे थे। अचानक एक तेज झटका लगा और लिफ्ट दो फ्लोर के बीच में ही जाम हो गई।
हेल्प नंबर फेल, 112 ने बचाई जान
लिफ्ट फंसने के बाद अंदर चीख-पुकार मच गई। अंधेरा और ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों का दम घुटने लगा। परिवार ने लिफ्ट के अंदर लिखे इमरजेंसी नंबरों पर कई बार कॉल किया लेकिन मॉल प्रबंधन की ओर से किसी ने फोन नहीं उठाया। जब स्थिति बिगड़ने लगी तो परिवार ने डायल 112 और पुलिस अधिकारियों को फोन किया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने लिफ्ट का शटर तोड़कर कड़ी मशक्कत के बाद सभी 8 लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान मोहन की बुजुर्ग मां के पैर में चोट भी आई है।
जर्जर लिफ्ट और मॉल की लापरवाही
रेस्क्यू टीम के अधिकारियों ने जांच के बाद बताया कि लिफ्ट की हालत बेहद जर्जर है। रखरखाव (Maintenance) न होने के कारण यह कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। जहां पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग मॉल प्रबंधन पर केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं वहीं मॉल के मैनेजर गौरव अग्रवाल ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा पीड़ित परिवार पर ही नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा दिया।
लिफ्ट में फंसने वाले सदस्य
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मोहन पांडेय (NRI), मंजू पांडेय (माता), सरोज चौबे (बहन)।
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आशीष पांडेय, सुप्रिया, ऋतिक, अभय पांडेय और सतीश तिवारी।