Edited By Parveen Kumar,Updated: 02 Mar, 2026 08:37 PM

आमतौर पर जब किसी भी देश की जंग छिड़ती है, तो उसका असर सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है। इतिहास गवाह है- चाहे वह World War I हो या World War II- युद्ध हमेशा बहुआयामी नुकसान लेकर आता है।
नेशनल डेस्क : आमतौर पर जब किसी भी देश की जंग छिड़ती है, तो उसका असर सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है। इतिहास गवाह है—चाहे वह World War I हो या World War II—युद्ध हमेशा बहुआयामी नुकसान लेकर आता है। अब मिडिल ईस्ट में जंग का असर सिर्फ क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों को भी भुगतना पड़ सकता है। US-इजरायल हमलों से ईरान में 550 से अधिक लोगी की मौत हो चुकी है, जबकि देश के 131 शहर इन हमलों की चपेट में आ चुके हैं। आइए जानते हैं जंग लगने के 5 बड़े नुकसान...
जान-माल का भारी नुकसान
सबसे बड़ा नुकसान मानव जीवन का होता है। सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिक भी हवाई हमलों, बमबारी और हिंसा का शिकार होते हैं। लाखों लोग घायल, विकलांग या बेघर हो सकते हैं।
आर्थिक तबाही पर खतरा
युद्ध के कारण उद्योग, व्यापार, खेती और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित होते हैं। सरकारों को रक्षा पर भारी खर्च करना पड़ता है, जिससे महंगाई बढ़ती है और विकास रुक जाता है।
बुनियादी ढांचे का विनाश
सड़कें, पुल, अस्पताल, स्कूल, बिजलीघर और संचार तंत्र नष्ट हो जाते हैं। इन्हें दोबारा खड़ा करने में वर्षों लग जाते हैं और अरबों डॉलर खर्च होते हैं।
मानवीय संकट और पलायन
युद्ध के दौरान लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। शरणार्थी संकट पैदा होता है, जिससे पड़ोसी देशों पर भी दबाव बढ़ता है।
सामाजिक और मानसिक असर
युद्ध का असर पीढ़ियों तक रहता है। समाज में असुरक्षा, बेरोजगारी, अपराध और मानसिक तनाव बढ़ता है। बच्चों की शिक्षा बाधित होती है और सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ जाता है।