Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: चंदा चोरी के आरोपों के बाद भक्तों ने बदला तरीका, जानें चढ़ावे पर क्या हुआ असर?

Edited By Updated: 02 Jul, 2026 02:09 PM

offerings at ram lalla s sanctum have risen again after an initial dip

अयोध्या के राम मंदिर में चोरी का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले की जांच के लिए ने SIT का गठन किया है। पुलिस और SIT ने इस मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस दौरान उनसे नकद राशि,...

नेशनल डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में चोरी का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले की जांच के लिए ने SIT का गठन किया है। पुलिस और SIT ने इस मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस दौरान उनसे नकद राशि, आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं। आइए जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम का राम मंदिर के चढ़ावे पर क्या असर पड़ा।

चंदा चोरी के आरोपों के बाद दान में आई थी 72% की भारी गिरावट

जून 2026 में जब यह घटना सामने आई तो इसका सीधा असर मंदिर में रोजाना चढ़ने वाले चढ़ावे पर देखा गया। पहले आम दिनों में मंदिर में 15 लाख रुपए का दान जमा होता था, जो अब केवल 5 लाख तक रह गया है। इसके अलावा दान पेटियों में आने वाला नकद चढ़ावा भी प्रतिदिन ₹1 लाख से भी कम हो गया था।

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ट्रस्ट और SBI ने बदला सिस्टम

चोरी की घटना सामने आने के बाद अब फिर से भक्तों का विश्नास जीतने के लिए मंदिर के ट्रस्ट द्वारा और SBI ने मिलकर एक नया और बेहद सख्त निगरानी तंत्र लागू किया।  अब दान राशि की इक्ट्ठा करने के लिए, उसकी गिनती करने के लिए अब सारा प्रोसेस काफी सख्त कर दिया है। इस पारदर्शिता का असर यह हुआ कि भक्तों का संशय दूर हुआ और मंदिर का चढ़ावा एक बार फिर अपने पुराने स्तर पर लौट आया।

डिजिटल डोनेशन की तरफ बढ़ा भक्तों का रुझान

इस पूरे मामले के बाद अब लोगों ने मंदिर में दान देने का तरीका भी बदल दिया है। किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए अब ज्यादातर भक्त नकद की बजाय ऑनलाइन या फिर नेट बैंकिंग के जरिए से सीधे बैंक अकाउंट में अपना दान दे रहे हैं।

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वर्तमान में कितना आ रहा है चढ़ावा? 

ताजा आंकड़ों की बात करें तो अब मंदिर में रोजाना औसतन ₹18 लाख से ₹20 लाख का चढ़ावा मिल रहा है। वहीं गर्मियों की छुटी में या फिर किसी भीड़ वाले दिन पर यह आंकड़ा ₹22 लाख से ₹24 लाख प्रति दिन तक भी पहुंच जाता है।

 

 

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