Oil Prices: सरसों के दाम में उछाल, सोयाबीन और बिनौला तेल में गिरावट

Edited By Updated: 30 Aug, 2026 10:25 AM

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विदेशी बाजारों में मजबूती के बीच बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन में सीमित बढ़त देखने को मिली। वहीं सोयाबीन तेल-तिलहन और बिनौला तेल के दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। लागत से कम दाम पर बिकवाली के बीच कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा ऊंचे दाम पर...

नई दिल्लीः विदेशी बाजारों में मजबूती के बीच बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन में सीमित बढ़त देखने को मिली। वहीं सोयाबीन तेल-तिलहन और बिनौला तेल के दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। लागत से कम दाम पर बिकवाली के बीच कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा ऊंचे दाम पर कमजोर कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे। सोमवार को छुट्टी की वजह से मलेशिया एक्सचेंज बंद रहेगा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरसों की उपलब्धता कम है जिसके कारण बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन के दाम में मामूली सुधार देखने को मिला। यह भी तथ्य है कि ऊंचा दाम होने की वजह से सरसों की लिवाली कमजोर बनी हुई है। जब तिलहन के दाम ऊंचे हैं तो तेल के दाम स्वाभाविक रूप से अधिक ही होंगे। उन्होंने कहा कि सोयाबीन के बड़े संयंत्र किसानों से सस्ते में सोयाबीन की खरीद करने के मकसद से सोयाबीन का दाम घटाते-बढ़ाते रहते हैं।

बीते सप्ताह तेल संयंत्रों द्वारा दाम घटाये जाने के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में मामूली गिरावट रही। लेकिन यह भी तथ्य है कि सोयाबीन की उपलब्धता कम है और इसके तेल-रहित खल (डीओसी) की स्थानीय मांग बनी हुई है। हालांकि, इसके बावजूद आयातक लागत से नीचे दाम पर सोयाबीन एवं पाम-पामोलीन तेल बेच रहे हैं। ऐसी बिकवाली की वजह से विदेशों में मजबूती के बावजूद यहां उतना असर नहीं देखने को मिलता।

सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था नाफेड के पास मूंगफली का स्टॉक है और मूंगफली की घट-बढ़ नाफेड की बिकवाली करने या नहीं करने पर निर्भर करती है। ऊंचे दाम पर लिवाली कमजोर रहने के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे। आयातकों की लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के बीच बीते सप्ताह पाम-पामोलीन तेल के दाम स्थिर बने रहे। आयातक बैंकों में अपना ऋण साखपत्र (एलसी) घुमाते रहने के लिए 24 घंटे बिकवाल बने रहते हैं।

सूत्रों ने कहा कि बिनौला की उपलब्धता कम है। बिनौला का रिफाइंड तेल, मूंगफली तेल से ऊंचा बैठता है। उपलब्धता कम होने के बावजूद मूंगफली तेल के दाम नहीं बढ़ने से बीते सप्ताह बिनौला तेल में गिरावट देखने को मिली। सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 50 रुपये की मजबूती के साथ 8,300-8,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी प्रकार सरसों तेल दादरी 100 रुपये के सुधार के साथ 16,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

 सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल भी क्रमश: 15-15 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,735-2,835 रुपये और 2,735-2,885 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 100-100 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 6,675-6,725 रुपये और 6,525-6,625 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह, दिल्ली में सोयाबीन तेल 50 रुपये की गिरावट के साथ 15,750 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 100 रुपये की गिरावट के साथ 15,550 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 150 रुपये की गिरावट के साथ 12,050 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 7,350-7,925 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 17,000 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन पर स्थिर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम भी 13,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली 15,850 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 14,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रुख के साथ बंद हुआ। मूंगफली तेल का दाम नहीं बढ़ने के कारण बिनौला तेल का दाम 225 रुपये की गिरावट के साथ 16,900 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। 

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