Edited By Rohini Oberoi,Updated: 30 Oct, 2025 09:24 AM

देश के टैक्सी सर्विस सेक्टर में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। निजी कैब कंपनियों जैसे ओला (OLA) और उबर (UBER) की मनमानी और बढ़ती कीमतों से परेशान यात्रियों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार जल्द ही भारत टैक्सी (Bharat Taxi)...
नेशनल डेस्क। देश के टैक्सी सर्विस सेक्टर में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। निजी कैब कंपनियों जैसे ओला (OLA) और उबर (UBER) की मनमानी और बढ़ती कीमतों से परेशान यात्रियों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार जल्द ही भारत टैक्सी (Bharat Taxi) नाम से एक नई सहकारी (Cooperative) टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी में है। यह पहल यात्रियों को सस्ती और भरोसेमंद यात्रा देगी साथ ही ड्राइवरों के लिए भी बेहतर कमाई और सम्मानजनक काम के अवसर पैदा करेगी।
क्या है भारत टैक्सी और क्यों है इसकी जरूरत?
भारत टैक्सी देश की पहली सहकारी कैब सेवा होगी। इसे केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय (Union Ministry of Cooperation) और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के सहयोग से शुरू किया जा रहा है।
इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
ओला और उबर जैसी निजी सेवाओं के आने के बावजूद, यात्रियों को अचानक किराया बढ़ने (surge pricing) और ड्राइवरों को भारी कमीशन (Commission) देने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा मॉडल में ड्राइवर केवल कर्मचारी बनकर रह जाते हैं। 'भारत टैक्सी' का उद्देश्य इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है। यह एक ऐसा पारदर्शी और भरोसेमंद भारतीय मॉडल पेश करेगा जहां ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि टैक्सी सर्विस के सदस्य और हिस्सेदार भी होंगे।
'भारत टैक्सी' कैसे काम करेगी?
यह एक सदस्यता (Membership) आधारित मॉडल पर काम करेगी। जो भी ड्राइवर इस सेवा से जुड़ना चाहेंगे उन्हें एक छोटी-सी सदस्यता फीस देनी होगी। इसके बाद वे अपनी कमाई का 100% हिस्सा खुद रख सकेंगे यानी कमीशन-फ्री कमाई। यह प्लेटफॉर्म सरकारी डिजिटल सेवाओं जैसे DigiLocker और UMANG App से जुड़ा होगा। इससे ड्राइवरों और यात्रियों दोनों की पहचान और दस्तावेज़ों की प्रक्रिया सुरक्षित और आसान हो जाएगी।निजी ऐप्स जहां अपने ड्राइवरों को कैप्टन कहते हैं वहीं भारत टैक्सी अपने सदस्यों को सारथी नाम से संबोधित करेगा जो आपसी साझेदारी और सम्मान की भावना को दर्शाता है।
कब होगी शुरुआत और आगे की योजना
रिपोर्टों के अनुसार यह सेवा नवंबर 2025 से दिल्ली में पहले चरण के रूप में शुरू की जाएगी। शुरुआत में लगभग 650 ड्राइवर-सदस्य टैक्सी इस योजना का हिस्सा होंगी। अगर यह मॉडल सफल होता है तो सरकार इसे दिसंबर 2025 तक देश के 20 शहरों तक बढ़ाने की योजना बना रही है और 2030 तक 1 लाख ड्राइवरों को इस पहल से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट को 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड' नाम की संस्था चला रही है जिसमें देशभर के सहकारी संगठन और ड्राइवर प्रतिनिधि शामिल हैं।
ड्राइवरों और यात्रियों के लिए बड़े फायदे
वर्ग: 'भारत टैक्सी' से होने वाले फायदे
यात्री: सस्ती और भरोसेमंद टैक्सी सेवा मिलेगी। किराया पारदर्शी और तय रहेगा जिससे अचानक बढ़ोतरी नहीं होगी।
ड्राइवर: कमीशन-फ्री कमाई का मौका जिससे पूरी आय खुद रख सकेंगे। एक सम्मानजनक और सहकारी माहौल मिलेगा।
देश: यात्रियों और ड्राइवरों का डेटा सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रहेगा। भारत में बने एक स्थानीय और पारदर्शी सहकारी मॉडल को बढ़ावा मिलेगा।
'भारत टैक्सी' सेवा भारतीय बाजार में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को जन्म दे सकती है जिससे मौजूदा कैब एग्रीगेटर्स को भी अपनी नीतियों में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।