Edited By Radhika,Updated: 09 Feb, 2026 12:10 PM

संसद का बजट सत्र 2026 इस समय जबरदस्त राजनीतिक घमासान का केंद्र बना हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट इस कदर बढ़ गई है कि अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की भूमिका पर ही सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष अब स्पीकर के खिलाफ 'अविश्वास प्रस्ताव' लाने की...
No Confidence Motion against Speaker: संसद का बजट सत्र 2026 इस समय जबरदस्त राजनीतिक घमासान का केंद्र बना हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट इस कदर बढ़ गई है कि अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की भूमिका पर ही सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष अब स्पीकर के खिलाफ 'अविश्वास प्रस्ताव' लाने की रणनीति तैयार कर चुका है।
क्या रही वजह?
इस विवाद की जड़ें पिछले कुछ दिनों हुई घटना है। हाल ही में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर 'धन्यवाद प्रस्ताव' बिना किसी विस्तृत चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक जवाब के ही पारित कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने सुरक्षा कारणों और विपक्षी सांसदों (विशेषकर महिला सांसदों) के कड़े विरोध का हवाला देते हुए पीएम को सदन में न आने की सलाह दी थी। विपक्ष ने इसे "लोकतांत्रिक परंपराओं का हनन" करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चर्चा से बचने के लिए "स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं।"
जल्द सौंपा जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इस बात पर एकमत हैं कि स्पीकर का झुकाव सत्तापक्ष की ओर है। अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जल्द ही लोकसभा महासचिव को सौंपा जा सकता है, जिस पर फिलहाल हस्ताक्षर की प्रक्रिया चल रही है। अगर यह प्रस्ताव आता है, तो यह ओम बिरला के दूसरे कार्यकाल के लिए एक बड़ी संवैधानिक चुनौती होगी।