Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Feb, 2026 02:41 PM

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा हमेशा एक चिंता का विषय रही है। निजी कंपनियों में काम करने वालों को कभी यह नहीं पता होता कि उनकी नौकरी कब चली जाएगी। कई बार लोग मजबूरी या व्यक्तिगत कारणों से नौकरी छोड़ देते हैं,...
नेशनल डेस्क: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नौकरी की सुरक्षा हमेशा एक चिंता का विषय रही है। निजी कंपनियों में काम करने वालों को कभी यह नहीं पता होता कि उनकी नौकरी कब चली जाएगी। कई बार लोग मजबूरी या व्यक्तिगत कारणों से नौकरी छोड़ देते हैं, जबकि कुछ लोग थोड़े समय के लिए ब्रेक भी लेते हैं। ऐसी परिस्थितियों में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि उनके प्रोविडेंट फंड (PF) अकाउंट में जमा पैसे का क्या होगा। अक्सर लोग मान लेते हैं कि अगर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और PF अकाउंट में योगदान बंद हो गया, तो अब उस पर ब्याज नहीं मिलेगा। लेकिन यह धारणा सही नहीं है।
नौकरी छोड़ने के बाद भी ब्याज जारी
असल में अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और अपना PF पैसा निकालकर नहीं लिया है, तो उस पर ब्याज मिलता रहेगा। पहले यह नियम था कि अगर 36 महीने तक कोई योगदान नहीं हुआ तो खाता इनऑपरेटिव माना जाएगा और ब्याज मिलना बंद हो जाएगा, लेकिन अब नियम बदल चुका है। अब आपका PF खाता तब तक ब्याज कमाता रहेगा जब तक आप 58 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेते। इसका मतलब यह है कि चाहे आप 40 साल की उम्र में नौकरी छोड़ दें, आपका पैसा 58 साल की उम्र तक बढ़ता रहेगा। खाता केवल तभी निष्क्रिय माना जाएगा जब सदस्य 58 वर्ष का हो जाए और फिर भी पैसा न निकाले।
वर्तमान ब्याज दर और संभावित बदलाव
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफओ पर ब्याज दर 8.25% है। हालांकि, चर्चा है कि मार्च 2026 की बैठक में इसे थोड़ा घटाकर 8% से 8.20% के बीच किया जा सकता है। तय की गई दर के अनुसार ही आपका जमा पैसा बढ़ता रहेगा।
PF खाते में पैसे रखने के फायदे और सावधानियां
नौकरी छोड़ने के बाद लंबे समय तक PF खाते में पैसा रखने पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल हो सकता है। नौकरी के दौरान मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री होता है, बशर्ते वार्षिक योगदान 2.5 लाख रुपये से कम हो। अगर आप दो महीने से अधिक बेरोजगार रहते हैं, तो अपना पूरा PF पैसा निकाल सकते हैं। वहीं नई नौकरी जॉइन करने पर पुराने PF को नए खाते में ट्रांसफर करना सबसे बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे आपकी सर्विस हिस्ट्री बनी रहती है और पेंशन के लिए 10 साल की गणना में आसानी होती है।
कई मामलों में पुराने PF खाते, जिनमें आधार या KYC अपडेट नहीं है, डॉर्मेंट यानी निष्क्रिय माने जा सकते हैं। ऐसे खातों में भी ब्याज जुड़ता रहता है, लेकिन पासबुक या ऑनलाइन स्टेटस में यह दिखने में समस्या आ सकती है। इसलिए नौकरी छोड़ने के बाद PF खाते की स्थिति पर ध्यान देना और जरूरी अपडेट कराना महत्वपूर्ण है।