Edited By Radhika,Updated: 05 Feb, 2026 04:01 PM

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुए अभूतपूर्व हंगामे पर अब स्पीकर ओम बिरला ने चुप्पी तोड़ी है। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने एक सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद PM मोदी को सदन...
नेशनल डेस्क: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुए अभूतपूर्व हंगामे पर अब स्पीकर ओम बिरला ने चुप्पी तोड़ी है। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने एक सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद PM मोदी को सदन में न आने की सलाह दी थी, क्योंकि उनके पास कांग्रेस सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री के साथ 'अनहोनी' करने की पुख्ता जानकारी थी।
स्पीकर का खुलासा: PM पर हमले की थी साजिश
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि बुधवार (4 फरवरी) को जो कुछ भी हुआ, वह भारतीय संसदीय इतिहास में एक 'काला धब्बा' है। उन्होंने बताया कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके कार्यालय (स्पीकर ऑफिस) में जाकर जो व्यवहार किया, वह गरिमा के खिलाफ था।
प्रधानमंत्री को क्यों रोका गया?
स्पीकर ने बताया, "जब प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तब मेरे पास पुख्ता जानकारी आई कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुँचकर कोई भी अप्रत्याशित या अप्रिय घटना कर सकते हैं। सदन की गरिमा को तार-तार होने से बचाने के लिए मैंने खुद प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे सदन में न आएं।"
महिला सांसदों के व्यवहार पर जताई नाराजगी
सदन में हुए दृश्यों का जिक्र करते हुए स्पीकर ने कहा कि उन्होंने खुद देखा कि किस तरह विपक्षी महिला सदस्य प्रधानमंत्री की सीट के बेहद करीब (वेल में) पहुँच गई थीं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पोस्टर और पैम्फलेट लेकर सदन नहीं चलाया जा सकता।
विपक्ष को दो टूक: नहीं चलेगा सदन
स्पीकर ने विपक्ष को स्पष्ट शब्दों में नसीहत दी कि यदि सदन की मर्यादा और परंपराओं का पालन नहीं किया गया, तो कार्यवाही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को स्पीकर के दफ्तर तक लाना गलत परंपरा है। गौरतलब है कि भारी हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री के भाषण के बिना बुधवार को धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया था।