Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 Apr, 2026 06:28 PM

तेलंगाना में चिकन शॉप ओनर्स एसोसिएशन ने बुधवार, 1 अप्रैल से राज्यभर में हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के चलते करीब 50 हजार से अधिक खुदरा चिकन की दुकानें बंद रहने की खबर है। एसोसिएशन का कहना है कि पोल्ट्री कंपनियों की नई नीतियों से दुकानदारों को...
नेशनल डेस्क : तेलंगाना में चिकन शॉप ओनर्स एसोसिएशन ने बुधवार, 1 अप्रैल से राज्यभर में हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के चलते करीब 50 हजार से अधिक खुदरा चिकन की दुकानें बंद रहने की खबर है। एसोसिएशन का कहना है कि पोल्ट्री कंपनियों की नई नीतियों से दुकानदारों को भारी नुकसान हो रहा है।
मार्जिन घटने से नाराज दुकानदार
दुकानदारों का आरोप है कि पोल्ट्री कंपनियों ने चिकन बिक्री पर मिलने वाला मुनाफा काफी कम कर दिया है। पहले उन्हें प्रति किलो 26 रुपये का मार्जिन मिलता था, जिसे अब घटाकर 16 रुपये कर दिया गया है। इससे छोटे दुकानदारों की कमाई पर सीधा असर पड़ा है।
बढ़ती लागत से बढ़ी परेशानी
एसोसिएशन के अध्यक्ष नेल्लुतला शेखर ने कहा कि बिजली, किराया और मजदूरी जैसी लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 16 रुपये प्रति किलो के मार्जिन पर दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों की मांग है कि मार्जिन बढ़ाकर कम से कम 30 रुपये प्रति किलो किया जाए।
कीमत बढ़ने के बावजूद नहीं हुआ फायदा
दुकानदारों का कहना है कि बाजार में चिकन की कीमत 350 से 400 रुपये तक पहुंचने के बावजूद उन्हें कोई फायदा नहीं मिल रहा है। मुनाफा कम होने के कारण कई दुकानदारों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
सप्लाई पर पड़ सकता है असर
इस हड़ताल का असर चिकन की सप्लाई पर पड़ सकता है। बाजार में कमी होने से कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, कॉर्पोरेट आउटलेट्स इस हड़ताल से बाहर हैं और वे खुले रह सकते हैं।
कब तक जारी रहेगी हड़ताल
एसोसिएशन ने साफ किया है कि जब तक पोल्ट्री कंपनियां बातचीत के लिए आगे नहीं आतीं और उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही, उन्होंने सरकार से इस मामले में दखल देने की अपील भी की है।