Edited By Purnima Singh,Updated: 26 Aug, 2026 03:08 PM

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का समर्थन करने और उसे मजबूत करने तथा उसके उम्मीदवारों की सफलता के लिए दुआ करने की अपील की है ...
हैदराबाद : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का समर्थन करने और उसे मजबूत करने तथा उसके उम्मीदवारों की सफलता के लिए दुआ करने की अपील की है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने मंगलवार रात यहां मिलाद-उन-नबी के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल किया कि जब हर समुदाय का अपना नेतृत्व हो सकता है तो देश के मुसलमानों का अपना नेतृत्व क्यों नहीं होना चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं और उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, ''मेरे दोस्तो और बुजुर्गो, एआईएमआईएम का समर्थन करें और उसे मजबूत करें तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम के उम्मीदवारों की सफलता के लिए दुआ करें। हमने बिहार में पांच सीटें जीती हैं। उत्तर प्रदेश में भी अल्लाह एआईएमआईएम के सदस्यों को सफलता देंगे... जो लोग आरोप लगाना चाहते हैं, लगाते रहें।''
मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर ओवैसी का सवाल
ओवैसी ने कहा, ''भारत और मजबूत होगा तथा देश का लोकतंत्र और संविधान मजबूत होगा। जिस समुदाय की आबादी 18 करोड़ है, उसके केवल 24 सांसद हैं। संसद में उसके केवल 24 सदस्य हैं और उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। वे वंदे मातरम् के मुद्दे पर भी अपनी बात नहीं रख सकते। जब संसद में राष्ट्रगीत को लेकर बहस हुई थी, तब मैंने ही इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी।''
वंदे मातरम् विवाद पर पीएम मोदी पर निशाना
वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी ने तय किया था कि इसके केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया, ''क्या नरेन्द्र मोदी महात्मा गांधी, नेताजी सुभाचंद्र बोस और रवीन्द्रनाथ टैगोर से अधिक बुद्धिमान या देशभक्त हैं? देश सभी का है। इस पर कानून बनाकर भाजपा और मोदी रवीन्द्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी का अपमान कर रहे हैं।''
UCC को लेकर अमित शाह पर हमला
उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें पहले रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर बात करनी चाहिए, क्योंकि देश में 11 करोड़ लोगों के पास रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को याद रखना चाहिए कि लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, असम और गुजरात में समान नागरिक संहिता से संबंधित कानून पारित किए गए हैं।
ओवैसी ने कहा कि एकरूपता समानता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू विवाह अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और हिंदू तलाक अधिनियम मुसलमानों पर थोपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आप अपने प्रयासों में विफल होंगे।''
संविधान को लेकर RSS पर आरोप
ओवैसी ने दावा किया कि 1949 में संविधान लिखे जाने के चार दिन बाद ही आरएसएस ने उसके खिलाफ शिकायत की थी और संघ ने कानून के बजाय मनुस्मृति लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा, ''26 नवंबर, 1949 को संविधान अपनाया गया। इसके चार दिन बाद 30 नवंबर को आरएसएस के एक मुखपत्र ने संविधान के खिलाफ शिकायत प्रकाशित की और कहा कि यह संविधान नहीं है तथा इसकी जगह मनुस्मृति होनी चाहिए थी। मैं आरएसएस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या यह सच नहीं है?''
हिजाब मामले पर हाईकोर्ट के फैसले का विरोध
इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्कूल की वर्दी के साथ छात्रा को हिजाब या सिर ढकने वाला कपड़ा पहनने की अनुमति देने संबंधी याचिका खारिज किए जाने पर ओवैसी ने कहा कि वह उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ हैं और इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''यह फैसला गलत है और इस्लाम पर हमला है।''