बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज में हड़कंप: एक दिन में 10 नवजातों की मौ'त, अगस्त में अब तक 60 बच्चों ने तोड़ा दम

Edited By Updated: 26 Aug, 2026 09:56 PM

panic at malda medical college in bengal

पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ही दिन में 10 नवजातों की मौत का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में पूरी तरह हड़कंप मच गया है। यह घटना 12 अगस्त की बताई जा रही है। मामला प्रकाश में आने के बाद...

मालदाः पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ही दिन में 10 नवजातों की मौत का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में पूरी तरह हड़कंप मच गया है। यह घटना 12 अगस्त की बताई जा रही है। मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य भवन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और बच्चों की मौत के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

रेफर किए गए बच्चों की हालत थी गंभीर
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त को जिन 10 नवजातों की जान गई, उनमें से आठ बच्चों को गंभीर हालत में जिले के अन्य अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम से मालदा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। वहीं, केवल दो बच्चों का जन्म इसी अस्पताल में हुआ था। अस्पताल के अधीक्षक प्रसनजीत बर ने बताया कि मृत बच्चों में से चार को जन्म के बाद से ही हृदय संबंधी समस्या थी, जबकि दो बच्चे सांस लेने में गंभीर परेशानी से जूझ रहे थे और अन्य बच्चों में भी अलग-अलग जटिलताएं थीं।

अगस्त महीने में अब तक 60 मौतें
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, स्थिति और भी चिंताजनक है क्योंकि अगस्त महीने में अब तक मालदा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। इन कुल मौतों में से 44 बच्चे ऐसे थे जिन्हें दूसरे अस्पतालों और नर्सिंग होम से बेहद गंभीर स्थिति में यहाँ रेफर किया गया था, जबकि 16 बच्चों का जन्म इसी मेडिकल कॉलेज में हुआ था। इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की गंभीरता से समीक्षा शुरू कर दी है।

जांच के बाद साफ होगी लापरवाही की स्थिति
अस्पताल प्रशासन का पक्ष है कि अस्पताल लाए जाने के समय बच्चों की हालत पहले से ही बेहद नाजुक थी और डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास किया था। फिलहाल, एक दिन में हुई 10 नवजातों की मौत और अगस्त महीने में हुई लगभग 60 मौतों के असल कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। इलाज के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं, इसका खुलासा विस्तृत जांच और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाने वाली अंतिम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन से इस पूरी घटना का विस्तृत ब्योरा मांगा है, जिसके जवाब में अस्पताल ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी है और पूरी रिपोर्ट जल्द ही सौंपने का आश्वासन दिया है। इस बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए जिले के अन्य अस्पतालों और निजी नर्सिंग होम की भी निगरानी तेज कर दी है

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