Edited By Rohini Oberoi,Updated: 20 Feb, 2026 11:15 AM

प्रीमियम ट्रेन कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री ने रेलवे की फूड सर्विस को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। महिला का आरोप है कि ट्रेन में यात्रियों को परोसी जाने वाली रोटियां और कचौरियां प्लास्टिक के पैकेट समेत ही...
Vande Bharat Food Quality : प्रीमियम ट्रेन कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री ने रेलवे की फूड सर्विस को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। महिला का आरोप है कि ट्रेन में यात्रियों को परोसी जाने वाली रोटियां और कचौरियां प्लास्टिक के पैकेट समेत ही माइक्रोवेव में गर्म की जा रही हैं जो कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
क्या है पूरा मामला?
इलाहाबाद से दिल्ली का सफर कर रही इस महिला यात्री को जब खाना परोसा गया तो उन्हें रोटियों के पैकेट काफी गर्म महसूस हुए। शक होने पर उन्होंने जब स्टाफ से पूछा तो स्टाफ ने स्वीकार किया कि इन सीलबंद प्लास्टिक पैकेटों को सीधे माइक्रोवेव में गर्म किया गया है।
महिला ने जब पैकेट पर लिखे निर्देशों को पढ़ा तो उस पर कहीं भी 'माइक्रोवेव सेफ' नहीं लिखा था। पैकेट पर केवल 'ठंडी और सूखी जगह पर रखने' की हिदायत दी गई थी। महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शेयर कर दिया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
सेहत के लिए बड़ा खतरा: विशेषज्ञों की राय
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर प्लास्टिक 'माइक्रोवेव-सेफ' प्रमाणित नहीं है तो उसे गर्म करने पर फ्थैलेट्स (Phthalates) जैसे खतरनाक रसायन भोजन में घुल सकते हैं। ये रसायन शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और लंबे समय में मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर डालते हैं।
IRCTC का एक्शन और सोशल मीडिया पर गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद IRCTC ने इस पर संज्ञान लिया है। आधिकारिक अकाउंट से महिला से उनका PNR और मोबाइल नंबर मांगा गया है ताकि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। सोशल मीडिया पर लोग इस बात से नाराज हैं कि भारी-भरकम किराया वसूलने के बावजूद यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?
महिला यात्री के सवाल:
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क्या रेलवे ने इस तरह प्लास्टिक पैकेट को गर्म करने की अनुमति दी है?
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अगर यह प्लास्टिक असुरक्षित है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
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क्या स्टाफ को खाना गर्म करने और परोसने की सही ट्रेनिंग नहीं दी जाती?