Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Feb, 2026 02:42 PM

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच ईरान से आई एक खबर ने पूरी दुनिया को चौकन्ना कर दिया है। दक्षिण ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का जोरदार भूकंप दर्ज किया गया है लेकिन टाइमिंग और हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय गलियारों में यह...
Iran Earthquake : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच ईरान से आई एक खबर ने पूरी दुनिया को चौकन्ना कर दिया है। दक्षिण ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का जोरदार भूकंप दर्ज किया गया है लेकिन टाइमिंग और हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह महज एक प्राकृतिक आपदा है या ईरान ने गुपचुप तरीके से परमाणु परीक्षण (Nuclear Test) किया है?
भूकंप का केंद्र और गहराई ने बढ़ाया शक
जर्मनी के भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) के अनुसार इस भूकंप का केंद्र जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी कम गहराई पर आने वाले झटके अक्सर किसी बड़े विस्फोट का परिणाम भी हो सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने परमाणु परीक्षण की पुष्टि नहीं की है।
अमेरिका को दी थी समुद्र में डुबोने की धमकी
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की तलवार लटक रही है।
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जंगी बेड़े तैनात: अमेरिका ने अरब सागर में अपने दो घातक युद्धपोत तैनात कर रखे हैं।
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ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने खुली चेतावनी दी थी कि अगर हमला हुआ तो वह अमेरिका के जंगी जहाजों को समुद्र की गहराइयों में दफन कर देगा।
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परमाणु अटकलें: विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को बैकफुट पर धकेलने के लिए ईरान इस तरह का परीक्षण कर सकता है।
हाई अलर्ट पर ईरान: दहशत में लोग
भूकंप का असर काफी बड़े इलाके में महसूस किया गया जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। ईरानी सरकार ने आपदा राहत टीमों (Disaster Response Teams) को तुरंत फील्ड में उतार दिया है। लोगों को अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ईरानी विशेषज्ञों का तर्क है कि दक्षिण ईरान टेक्टोनिक प्लेट्स के मिलन स्थल पर है इसलिए यहां भूकंप आना एक सामान्य प्राकृतिक घटना भी हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां रख रही हैं नज़र
GFZ समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के पैटर्न का विश्लेषण कर रही हैं। यदि यह परमाणु परीक्षण साबित होता है तो यह वैश्विक सुरक्षा और 2015 के परमाणु समझौते की कोशिशों के लिए एक बड़ा झटका होगा।