Edited By Anu Malhotra,Updated: 13 Mar, 2026 08:42 AM

PM Kisan Yojana: आज का दिन देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए खुशियों भरा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पीएम किसान सम्मान निधि की बहुप्रतीक्षित 22वीं किस्त जारी करने जा रहे हैं। इस खास अवसर पर सरकार असम की राजधानी गुवाहाटी में एक भव्य...
PM Kisan Yojana: आज का दिन देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए खुशियों भरा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पीएम किसान सम्मान निधि की बहुप्रतीक्षित 22वीं किस्त जारी करने जा रहे हैं। इस खास अवसर पर सरकार असम की राजधानी गुवाहाटी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जहां से शाम करीब 5 बजे रिमोट का बटन दबाकर सीधे किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
इस बार की किस्त की कुल राशि लगभग 18,640 करोड़ रुपये है, जो 9 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी किसान परिवारों के खातों में पहुँचेगी। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे सुखद पहलू यह है कि इस बार 2 करोड़ से अधिक महिला किसानों को भी इस आर्थिक मदद का सीधा लाभ मिलने वाला है।
फरवरी 2019 में छोटे और सीमांत किसानों को संबल देने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना ने अब तक एक लंबा सफर तय कर लिया है। सरकार अब तक किसानों को कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दे चुकी है और आज की किस्त मिलने के बाद यह आंकड़ा 4.27 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। नियमों के अनुसार, हर साल किसानों को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है।
आपने PM-Kisan सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या में आई कमी के मुख्य कारणों को बहुत अच्छे से रेखांकित किया है। यह एक महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि करोड़ों किसान इस आर्थिक सहायता पर निर्भर हैं।
लाभार्थियों की संख्या 10.48 करोड़ से घटकर 9.35 करोड़ होने के पीछे जो 3 मुख्य कारण आपने बताए हैं, उन्हें थोड़ा और विस्तार से समझते हैं ताकि किसान भाई अपनी गलतियों को सुधार सकें:
1. अपात्र लोगों की पहचान (Filtering Ineligible Beneficiaries)
सरकार ने डेटा का मिलान (Data Validation) सख्त कर दिया है। कई ऐसे लोग जो इनकम टैक्स भरते हैं, सरकारी पदों पर हैं, या जिनकी जमीन के दस्तावेज सही नहीं थे, उन्हें लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।
नियम: यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या ₹10,000 से अधिक पेंशन लेता है, तो वह पात्र नहीं है।
2. भू-लेख सत्यापन (Land Records Verification)
यह एक बड़ा कारण रहा है। कई राज्यों में किसानों के नाम पोर्टल पर तो थे, लेकिन उनके land records (खतौनी) डिजिटल रूप से सत्यापित नहीं थे। जिन किसानों की जमीन का रिकॉर्ड आधार से लिंक नहीं पाया गया, उनकी किस्तें रोक दी गईं।
3. ई-केवाईसी (E-KYC) और आधार सीडिंग
जैसा कि आपने उल्लेख किया, सरकार ने e-KYC अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा, 'आधार सीडिंग' (बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना और DBT इनेबल होना) न होने के कारण भी लाखों किसानों का नाम लिस्ट से हटा या 'पेंडिंग' में चला गया है।
किसानों के लिए जरूरी चेकलिस्ट:
यदि किसी किसान की किस्त रुक गई है, तो उन्हें इन 4 बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए:
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e-KYC: क्या आपने मोबाइल ऐप या CSC केंद्र से इसे पूरा कर लिया है?
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Land Seeding: क्या पोर्टल पर 'Land Seeding' के आगे 'Yes' लिखा है?
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Aadhar Bank Account Seeding: क्या आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है और उसमें DBT (Direct Benefit Transfer) चालू है?
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Correct Details: क्या पोर्टल पर नाम की स्पेलिंग और आधार में नाम एक समान है?