Edited By Parveen Kumar,Updated: 18 Apr, 2026 08:42 PM

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अपने स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया।
नेशनल डेस्क : लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अपने स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बिल के गिरने से उन्हें गहरा दुख हुआ है और देश की नारी शक्ति इस पूरी घटना को देख रही है। उनके मुताबिक, यह केवल एक विधेयक का मुद्दा नहीं था, बल्कि महिलाओं के सपनों और उनकी उन्नति से जुड़ा विषय था।
दो-तिहाई बहुमत से चूका विधेयक
महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। सदन में कुल 528 वोट पड़े, जिनमें से 298 वोट इसके पक्ष में आए। जबकि इसे पास होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। इस तरह 54 वोटों की कमी के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका।
“तालियां नहीं, स्वाभिमान पर चोट”
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह विधेयक गिरा, उस समय कुछ विपक्षी दलों के सांसद तालियां बजा रहे थे। उन्होंने इसे महिलाओं के आत्मसम्मान पर चोट बताते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि नारी गरिमा के खिलाफ व्यवहार था।
महिलाओं से मांगी माफी
प्रधानमंत्री ने देश की सभी महिलाओं से क्षमा याचना करते हुए कहा कि सरकार ने पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने यह भी कहा कि जब दलगत राजनीति, देशहित से ऊपर आ जाती है, तो उसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ता है।
संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन
विधेयक के गिरने के बाद सत्तारूढ़ दल की महिला सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया और नाराजगी जताई।