Edited By Rohini Oberoi,Updated: 16 Aug, 2026 10:13 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेता स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि (16 अगस्त) पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक असाधारण राजनेता और दूरदर्शी नेता...
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेता स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि (16 अगस्त) पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक असाधारण राजनेता और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि देश के विकास और सुशासन में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक असाधारण राजनेता थे जिनकी दूरदृष्टि अद्वितीय थी तथा उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
बता दें कि वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था और उन्होंने 16 अगस्त 2018 को नयी दिल्ली में अंतिम सांस ली। वह प्रधानमंत्री बनने वाले भारतीय जनता पार्टी के पहले नेता थे। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। वह एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी दूरदृष्टि अद्भुत थी। उन्होंने अपना जीवन हमारे राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी के शब्दों और प्रयासों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया तथा उनके नेतृत्व ने देश को मजबूत किया। उन्होंने कहा, सुशासन और जनकल्याण पर उनका जोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में सनसनी: पूर्व डिप्टी स्पीकर की संदिग्ध परिस्थितियों मौत, फंदे से लटकता मिला शव
वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक 'एक्स' खाते पर एक पोस्ट में कहा, राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति के शिखर पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ओजस्वी चिंतन, मर्यादित आचरण और कर्मनिष्ठ जीवन से भारतीय लोकतंत्र में शुचिता, राजनीति में नैतिकता और राष्ट्रसेवा के उच्च आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि वाजपेयी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का जीवंत उदाहरण है। योगी ने कहा कि राष्ट्रोन्नति के प्रति वाजपेयी का अटूट संकल्प आज भी प्रत्येक देशवासी को 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 'एक्स' पर वाजपेयी की कविता की पंक्तियां हार नहीं मानूंगा, रार नयी ठानूंगा… काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं... साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने अपने ओजस्वी विचारों और दूरदर्शी नेतृत्व से भारतीय राजनीति को नयी ऊंचाई दी और उनका राष्ट्रसेवा को समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाजपेयी को भारतीय राजनीति का अजातशत्रु, ओजस्वी कवि और पूर्व प्रधानमंत्री बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विचारों में अडिगता, व्यवहार में विनम्रता और निर्णयों में राष्ट्रहित उनके सार्वजनिक जीवन की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण से सिद्ध किया कि सिद्धांतों की मजबूती और लोकतांत्रिक सहमति के साथ भी देश को प्रभावी नेतृत्व दिया जा सकता है।
मौर्य ने कहा कि पोखरण के ऐतिहासिक निर्णय से भारत को सामरिक सामर्थ्य देने से लेकर आधुनिक अवसंरचना की मजबूत नींव रखने तक वाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी दूरदृष्टि, कर्मनिष्ठा तथा देश के प्रति अटूट समर्पण सदैव पथ आलोकित करते रहेंगे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का युगपुरुष, असंख्य कार्यकर्ताओं का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
यह भी पढ़ें: Earthquake: भारत के पड़ोसी देश में तड़के फिर डोली धरती, भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में मचा हड़कंप
वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पाठक की देखरेख में लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में 'अटल स्मृति संध्या' का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ होंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री अशोक चक्रधर एकल काव्यपाठ करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में हुआ था। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया। वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था।