Earthquake: भारत के पड़ोसी देश में तड़के फिर डोली धरती, भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में मचा हड़कंप

Edited By Updated: 16 Aug, 2026 08:42 AM

earth shakes again in myanmar 3 5 magnitude earthquake hits

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में रविवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है। राहत की बात यह रही कि गहराई अधिक होने के कारण फिलहाल किसी बड़े नुकसान...

म्यांमार : भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में रविवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है। राहत की बात यह रही कि गहराई अधिक होने के कारण फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार आज सुबह म्यांमार में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया।

NCS ने 'X' पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि भूकंप भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार सुबह 06:33 बजे 130 किलोमीटर की गहराई पर आया। भारतीय समयानुसार 16 अगस्त रविवार सुबह 06:33 बजे (06:33:09 IST) झटके महसूस हुए। रिक्टर पैमाने पर 3.5 तीव्रता और जमीन से 130 किलोमीटर की गहराई पर इसका केंद्र था। भौगोलिक स्थिति इसकी अक्षांश (Latitude) 24.783 N और देशांतर (Longitude) 94.887 E।

इससे पहले 11 जुलाई को भी म्यांमार में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था जिसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी थी। NCS ने बताया कि यह भूकंप भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार रात 12:20 बजे 90 किलोमीटर की गहराई पर आया था।

 

NCS ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, भूकंप की तीव्रता: 4.1, समय: 11/07/2026 00:20:49 IST, अक्षांश: 21.698 N, देशांतर: 94.504 E, गहराई: 90 किमी, स्थान: म्यांमार। इस भूकंप से पहले, एक दिन पहले म्यांमार में 4.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे। NCS के अनुसार, वह भूकंप भारतीय मानक समय के अनुसार शाम 6:59 बजे 100 किलोमीटर की गहराई पर आया था। 

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X पर एक पोस्ट में कहा गया, "भूकंप की तीव्रता: 4.5, समय: 10/07/2026 18:59:44 IST, अक्षांश: 23.590 N, देशांतर: 94.624 E, गहराई: 100 किमी, स्थान: म्यांमार।" म्यांमार अपनी लंबी तटरेखा के कारण मध्यम और तेज़ तीव्रता वाले भूकंपों और सुनामी के खतरों के प्रति संवेदनशील है।

 

बता दें कि म्यांमार चार टेक्टोनिक प्लेटों (इंडियन, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट) के बीच स्थित है जो सक्रिय भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं में एक-दूसरे के साथ इंटरैक्ट करती हैं। म्यांमार से होकर 1,400 किलोमीटर लंबी ट्रांसफॉर्म फॉल्ट गुज़रती है जो अंडमान स्प्रेडिंग सेंटर को उत्तर में 'सगाइंग फॉल्ट' नामक टकराव वाले क्षेत्र से जोड़ती है।

सगाइंग फॉल्ट, सगाइंग, मांडले, बागो और यांगून के लिए भूकंप का खतरा बढ़ाती है। इन इलाकों में म्यांमार की कुल आबादी का 46 प्रतिशत हिस्सा रहता है। हालांकि यांगून फॉल्ट लाइन से काफी दूर है, फिर भी घनी आबादी के कारण यहां काफी खतरा बना रहता है। उदाहरण के लिए, 1903 में बागो में आए 7.0 तीव्रता वाले भूकंप का असर यांगून पर भी पड़ा था।

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