Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 May, 2026 09:31 AM

मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की अचानक हुई मौत ने लोगों को चौंका दिया है। शुरुआत में इस घटना के लिए तरबूज को जिम्मेदार माना जा रहा था कि रात के समय परिवार ने बिरयानी खाई और उसके बाद तरबूज खा लिया जिससे सुबह फूड पॉइजनिंग के चलते सभी की मौत हो...
family members die in Mumbai: मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की अचानक हुई मौत ने लोगों को चौंका दिया है। शुरुआत में इस घटना के लिए तरबूज को जिम्मेदार माना जा रहा था कि रात के समय परिवार ने बिरयानी खाई और उसके बाद तरबूज खा लिया जिससे सुबह फूड पॉइजनिंग के चलते सभी की मौत हो गई लेकिन अब जांच में मामला कुछ और ही संकेत दे रहा है।
Mumbai के रहने वाले 45 वर्षीय अब्दुल्ला दोकाड़िया, उनकी पत्नी नसरीन (35) और दो बेटियां जैनब (13) व आयशा (16) ने शनिवार रात अपने घर पर कुछ रिश्तेदारों को खाने पर बुलाया था। सभी ने मिलकर मटन पुलाव खाया। रिश्तेदारों के जाने के बाद देर रात करीब 1 बजे परिवार ने तरबूज खाया। सुबह करीब 5 बजे चारों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें उल्टी और दस्त जैसे लक्षण होने लगे, जो आमतौर पर फूड पॉइजनिंग में देखे जाते हैं। लेकिन कुछ ही घंटों में चारों की मौत हो गई, जिससे मामला गंभीर हो गया।
शुरूआती फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, मृतकों के कुछ अंग जैसे दिमाग, दिल और आंतें हरे रंग की हो गई थीं। डॉक्टरों का कहना है कि यह सामान्य फूड पॉइजनिंग के मामलों से अलग संकेत देता है और किसी जहरीले पदार्थ की ओर इशारा करता है।
जांच के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई है कि अब्दुल्ला के शरीर में मॉर्फिन पाया गया। यह एक तेज असर करने वाली दर्द निवारक दवा होती है, जो आमतौर पर अस्पतालों में नियंत्रित मात्रा में दी जाती है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह दवा शरीर में कैसे पहुंची-क्या यह इलाज का हिस्सा थी, गलती से ली गई या किसी साजिश का हिस्सा है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ किया है कि अभी तक तरबूज और मौत के बीच कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाएगा।
पुलिस ने फिलहाल आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है और उन रिश्तेदारों से पूछताछ की है, जिन्होंने वही खाना खाया था लेकिन वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। इससे यह शक और गहरा हो गया है कि मामला साधारण फूड पॉइजनिंग का नहीं हो सकता।
अब जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या तरबूज में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था या परिवार किसी अन्य वजह से निशाने पर था। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अंतिम राय सुरक्षित रखी है और विसरा को केमिकल जांच के लिए भेज दिया गया है।