Edited By Ramkesh,Updated: 05 Apr, 2026 08:07 PM

बिहार की विकास स्थिति को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य लगभग हर विकास सूचकांक में पीछे है,
पटना: बिहार की विकास स्थिति को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य लगभग हर विकास सूचकांक में पीछे है, लेकिन सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में नैतिक साहस है तो वह राज्य के पिछड़ेपन पर सार्वजनिक चर्चा के लिए आगे आए।
विकास सूचकांकों पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि शिक्षा, रोजगार, आय, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण जैसे कई क्षेत्रों में बिहार राष्ट्रीय औसत से पीछे है। उन्होंने साक्षरता दर, प्रति व्यक्ति आय, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और गरीबी जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राजद नेता ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए प्रशासनिक तंत्र और चुनावी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नजर नहीं आता।
जदयू-भाजपा का पलटवार
तेजस्वी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि जनता पहले ही उन्हें चुनाव में नकार चुकी है और अब उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विकास और अपराध जैसे मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन समय और स्थान तय करना तेजस्वी की जिम्मेदारी है। वहीं भाजपा नेताओं ने भी तेजस्वी यादव पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें विपक्ष में रहते हुए आत्ममंथन करना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।