Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Oct, 2026 07:39 AM

सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न चाहने वालों के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD) एक बेहतरीन विकल्प है। शेयर बाजार के जोखिम से दूर इस सरकारी योजना में बैंक एफडी की तरह ही अलग-अलग अवधि के लिए पैसे निवेश करने का मौका मिलता है। अगर आप भी इसमें निवेश करने...
नई दिल्ली: सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न चाहने वालों के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD) एक बेहतरीन विकल्प है। शेयर बाजार के जोखिम से दूर इस सरकारी योजना में बैंक एफडी की तरह ही अलग-अलग अवधि के लिए पैसे निवेश करने का मौका मिलता है। अगर आप भी इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आइए समझते हैं 3 साल की एफडी और इसके पूरे गणित को...
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट क्या है?
पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं में आती है। इसमें जमा आपका पूरा पैसा सुरक्षित रहता है, क्योंकि इसे सरकार का समर्थन प्राप्त है। इसमें निवेश करने पर पहले से तय ब्याज मिलता है, जिस पर शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं होता। आप इस स्कीम में कम से कम 1,000 रुपए से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं है।
अलग-अलग अवधि के लिए ब्याज दरें
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में टेन्योर के हिसाब से ब्याज दरें अलग-अलग मिलती हैं:
1 साल की अवधि: 6.90% सालाना ब्याज
2 साल की अवधि: 7.00% सालाना ब्याज
3 साल की अवधि: 7.10% सालाना ब्याज
5 साल की अवधि: 7.50% सालाना ब्याज
(नोट: ये दरें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए निवेश करने से पहले संबंधित पोस्ट ऑफिस में ताजा दरों की पुष्टि जरूर कर लें।)
5 लाख रुपए के निवेश पर 3 साल में कितना रिटर्न मिलेगा?
अगर आप पोस्ट ऑफिस की 3 साल वाली टाइम डिपॉजिट स्कीम में एकमुश्त 5,00,000 लाख रुपए जमा करते हैं, तो 7.10% सालाना ब्याज दर के हिसाब से कैलकुलेशन कुछ इस तरह होगी:
कुल निवेश: 5,00,000 रुपए
सालाना ब्याज दर: 7.10%
निवेश की अवधि: 3 साल
अनुमानित कुल ब्याज : 1,18,304 रुपए
मैच्योरिटी पर कुल मिलने वाली रकम: 6,18,304 रुपए
यानी 3 साल पूरे होने पर आपके 5 लाख बढ़कर करीब 6.18 लाख हो जाएंगे, जिसमें लगभग 1.18 लाख केवल ब्याज के रूप में मिलेंगे।
टैक्स छूट का नियम
पोस्ट ऑफिस की सभी अवधियों की एफडी पर टैक्स छूट नहीं मिलती है। अगर आप 5 साल की टाइम डिपॉजिट में निवेश करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा किया जा सकता है। हालांकि, 3 साल वाली एफडी पर यह टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता है। टैक्स नियम आपकी चुनी हुई टैक्स व्यवस्था Old-New Tax Regime पर भी निर्भर करते हैं।